बाराबंकी। दलित युवती के अपहरण आैर दुराचार के मामले में विशेष अपर सत्र न्यायाधीश एससी/एसटी ने दो आरोपियों को उम्रकैद और तीसरे को सात साल सश्रम कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने सभी आरोपियों को 10-10 हजार रुपये जुर्माना अदा करने का भी आदेश दिया।
विशेष लोक अभियोजक अजीत कुमार सिंह ने बताया कि 11 अक्टूबर 2011 को कोतवाली देवां क्षेत्र की निवासी एक युवती जीजा के साथ बाजार से वापस आ रही थी। तभी गढ़ी रेंदुवा निवासी कैलाश यादव व सुमिरन यादव उसे उठा ले गए और दोनों आरोपियों ने पीड़िता के साथ जंगल में दुराचार किया। उसके बाद उसको ग्राम इसरहना में जोधी रैदास के घर ले गए वहां भी दुराचार किया। पीड़िता जोधी रैदास के यहां मिली। घटना की रिपोर्ट कोतवाली देवां में दर्ज कराई गई थी। पीड़िता समेत गवाहों के बयान सुनने के बाद न्यायाधीश एससी शर्मा ने कैलाश यादव व सुमिरन यादव को उम्रकैद व दस-दस हजार रुपये जुर्माना व जोधी रैदास को सात वर्ष की सश्रम कैद व दस हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।