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मनरेगा में घोटाले की शासन से जांच

Thu, 22 Nov 2012 12:00 PM IST
Barabanki
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बाराबंकी। जिले के त्रिवेदीगंज ब्लॉक की एक ग्राम पंचायत में मनरेगा के कार्यों में घोटाले की जांच के आदेश शासन ने दिये हैं। संयुक्त विकास आयुक्त ने सहायक लेखा परीक्षा अधिकारी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी है। यह टीम मौके पर जाकर कागजों का सत्यापन और अभिलेखाें की छानबीन करेगी। मामला ग्राम पंचायत अखैयापुर का है। आरोप है कि प्रधान, वीडीओ और तकनीकी सहायक ने मिलकर मनरेगा में कराये गए कार्यों से अधिक की एमआइएस फीडिंग करके लाखों का गोलमाल किया है।
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शासन में की गई शिकायत में कहा गया है कि वर्ष 2009/10 में ग्राम पंचायत अखैयापुर में मनरेगा से सिंचाई के लिये नाली का निर्माण, धोबी तालाब की खुदाई व सुंदरीकरण, पक्की सड़क और समतलीकरण के कार्य कराए गए जिसमें बड़े पैमाने पर गोलमाल किया गया। तब की गई शिकायतों पर सोशल ऑडिट हुई जिसमें सिंचाई के लिए नाली के निर्माण में लगभग 2 लाख 71 हजार, धोबिन तालाब की खुदाई में 2 लाख 48 हजार, तालाब सुंदरीकरण पर एक लाख 93 हजार, पक्की सड़क के निर्माण में 78 हजार व समतलीकरण में 2 लाख 36 हजार रुपये एमआइएस फीडिंग मेें अधिक दिखाकर बगैर कार्य किए धन निकाल लेना पाया गया। सोशल ऑडिट के बाद इस आशय की शिकायत गांव के ही एक व्यक्ति ने शासन, प्रशासन से की थी। इस शिकायत पर शासन के संयुक्त सचिव गिरिजाशंकर त्रिवेदी ने आयुक्त ग्राम विकास को जांच के लिए लिखा है।
संयुक्त विकास आयुक्त फैजाबाद मंडल शशिधर द्विवेदी से जब इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने बताया कि शासन से जांच के आदेश मिले हैं। मंडलीय सहायक लेखा परीक्षा अधिकारी वेदप्रकाश मिश्र के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम जांच के लिए गठित की गई है । इस संबंध में खंड विकास अधिकारी त्रिवेदीगंज को भी जांच में सहयोग व कागजात आदि उपलब्ध कराने को निर्देश दिए जा रहे हैं। जांच टीम को सात दिसंबर तक अपनी रिपोर्ट देने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया इस मामले में मौके पर हुए वास्तविक काम के सापेक्ष एमआइएस फीडिंग अधिक दिखाकर धन हड़प करने का मामला मालूम पड़ता है। जांच रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
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