बाराबंकी। जिले की कानून-व्यवस्था को जल्द ही एक नई ताकत मिलने वाली है। करीब 874 नए सिपाही कमान संभालेंगे। नौ महीनों की कड़ी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद अप्रैल के तीसरे सप्ताह में इनके कंधों पर जिम्मेदारी आ जाएगी और ये सीधे थानों में तैनात किए जाएंगे। अब इनके आउटडोर ट्रेनिंग का अंतिम पड़ाव चल रहा है।
पिछले साल यूपी पुलिस की सिपाही भर्ती परीक्षा में सफल हुए अभ्यर्थियों का प्रशिक्षण शुरू हुआ था। जिले में गोंडा रोड स्थित 10वीं वाहिनी पीएसी में 579 और पुलिस लाइन कर आरटीसी में 295 रंगरूट दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। यहां उनकी आखिरी परीक्षा चल रही है, जिसमें सिर्फ दौड़ या परेड ही नहीं, बल्कि हथियार चलाने की क्षमता, फील्ड में काम करने की समझ और व्यावहारिक कौशल तक को परखा जा रहा है। इन सिपाहियों के लिए यह वक्त किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। सुबह की कड़ी दौड़ से लेकर मैदान में घंटों अभ्यास और फिर अनुशासन की कसौटी हर मोर्चे पर उन्हें परखा जा रहा है, ताकि वे हर परिस्थिति में खरे उतर सकें। एसपी अर्पित विजयवर्गीय के मुताबिक 20 या 21 अप्रैल को दीक्षांत समारोह आयोजित किया जाएगा। सभी अभ्यर्थी ईमानदारी, देश सेवा और गोपनीयता की शपथ लेंगे और एक नई जिम्मेदारी की शुरुआत करेंगे। बाराबंकी में करीब 23 थाने हैं। प्रत्येक थाने में 40 से 45 नए सिपाही तैनात किए जाएंगे।
पंचायत चुनाव होगी पहली बड़ी जिम्मेदारी
इन जवानों की भूमिका सिर्फ थानों तक सीमित नहीं रहेगी। धरना-प्रदर्शन, जुलूस, वीआईपी ड्यूटी से लेकर संवेदनशील मौकों पर भी ये अहम जिम्मेदारी निभाएंगे। खास बात यह है कि आने वाले पंचायत चुनावों में भी यही सिपाही सुरक्षा की कमान संभालेंगे। सड़कों पर एक नई वर्दी, नई ऊर्जा और नया भरोसा नजर आएगा।