बाराबंकी। पुलिस लाइन व 10वीं वाहिनी पीएसी के परेड ग्राउंड में रविवार को अनुशासन, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की जीवंत प्रदर्शन देखने को मिला। दीक्षांत परेड समारोह में नौ महीनों की कठिन ट्रेनिंग के बाद जब 872 नए सिपाही एक साथ कदमताल करते नजर आए। जवानों ने जीरो टॉलरेंस का पालन करने की शपथ ली। परेड की हर धुन में अनुशासन की गूंज और हर मोड़ पर आत्मविश्वास की झलक दिखाई दी।
पुलिस लाइन में 293 रंगरूटों के दीक्षांत परेड समारोह के मुख्य अतिथि एडीजी कानून व्यवस्था अभिताभ यश रहे। उन्होंने 12 टोलियाें में उतरे जवानों की कदमताल की सटीकता, अनुशासन और तालमेल को परखा। उन्होंने प्रशिक्षु सिपाहियों के कठिन प्रशिक्षण और उनके जज्बे की सराहना करते हुए कहा कि वर्दी केवल अधिकार नहीं, बल्कि हर पल जिम्मेदारी का अहसास है।
कानून के पालन के साथ जनता सेे विश्वास का रिश्ता बनाना भी है। उन्होंने अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने व समाज के हर वर्ग के साथ मैत्रीपूर्ण व्यवहार रखने का आह्वान किया। एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने प्रशिक्षुओं को राष्ट्र की एकता, अखंडता और संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ दिलाई। डीएम ईशान प्रताप सिंह, एएसपी दक्षिणी रितेश कुमार सिंह, एएसपी उत्तरी विकास चन्द्र त्रिपाठी व सभी सीओ मौजूद रहे।
वहीं, 10वीं वाहिनी पीएसी में ट्रेनिंग पूरी कर चुके 579 नए सिपाहियों ने दीक्षांत परेड में आईजी कानून व्यवस्था एलआर कुमार ने कहा कि आज से जिम्मेदारी की शुरुआत है, जिसे आप जीवन भर निभाएंगे। याद रखिए वर्दी पहनना सम्मान जरूर है, मगर उससे कहीं बड़ा कर्तव्य है। सेनानायक राकेश कुमार सिंह ने शपथ दिलाई। नए सिपाहियों को अब थानों में व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा।