मातृत्व सप्ताह के तहत चार दिन में हुई जांच में जिले की 858 गर्भवती महिलाएं गंभीर बीमारियों से पीड़ित मिली हैं। इनको हाई रिस्क प्रेगनेंसी की लिस्ट में डाला गया। इन महिलाओं पर स्वास्थ्य विभाग लगातार मॉनीटर कर रहा है। गर्भवती महिलाओं चिह्नित करने का अभियान अभी दो दिन और चलेगा। इससे गंभीर बीमारी से ग्रस्त गर्भवती महिलाओं की संख्या बढ़ने की आशंका है। बताते चलें कि 27 जनवरी से मातृत्व सप्ताह अभियान शुरू किया गया है जिसमें अब तक 14 हजार गर्भवती महिलाओं को चिह्नित करते हुए इनका पंजीकरण किया गया है।
गर्भवती महिलाओं का विवरण ऑनलाइन किया जा रहा है। इनमें से अब तक 12 हजार गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा चुका है। इस परीक्षण में करीब 858 हाई रिस्क प्रेगनेंसी वाली गर्भवती महिलाएं पाई गई हैं। हाई रिस्क प्रेेगनेंसी की इतनी ज्यादा गर्भवती महिलाएं मिलने से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी हैरत में हैं। विभाग इसको लेकर काफी सतर्क हो गया है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के जरिए इन पर लगातार नजर रखी जा रही है। इसके लिए सभी सीएचसी और जिले की चार फर्स्ट रेफरल यूनिटों (एफआरयू) तथा जिला महिला अस्पताल में इलाज के खास इंतजाम किए गए हैं। अभी मातृत्व सप्ताह अभियान दो दिन और चलाया जाएगा। इससे गंभीर बीमारी से ग्रस्त गर्भवती महिलाओं की संख्या बढ़ने की आशंका है।