बाराबंकी। नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग की ओर से हर घर नल से जल पहुंचाने के लिए ग्राम पाइप पेयजल योजना संचालित है। करीब तीन साल पहले शुरू हुई इस योजना के तहत वर्तमान में जिले में 2699 करोड़ की लागत से 841 परियोजनाएं चल रही हैं। इनमें ज्यादातर का काम अब तक पूरा हो जाना चाहिए था। लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही व सुस्त रफ्तार काम के कारण एक भी परियोजना का कार्य पूरा नहीं हो पाया है।
कई ग्राम पंचायतों में पाइप लाइन बिछाने का काम अधूरा है तो कई में ओवरहेड टैंक बनाने का का काम बीच में अटका है। कई जगह तो निर्माण कार्य की नींव तक नहीं रखी जा सकी है। पेयजल आपूर्ति के लिए खोदी गई सड़के ग्रामीणों के लिए परेशानी बनी है। परियोजनाओं के पूर्ण न होने से निर्माण कार्यों की समीक्षा में भी जिले की प्रगति खराब है। विभाग की ओर से दीपावली तक जलापूर्ति शुरू कराने व दिसंबर तक काम पूरा कराने के दावा किया जा रहा है।
विकास खंड मसौली की ग्राम पंचायत रसौली में करीब 10.24 करोड़ रुपये की कार्ययोजना अक्तूबर 2021 में स्वीकृत हुई थी, जिसे एक साल में पूरा हो जाना था। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने इसका शिलान्यास किया था। तीन वर्ष बीत जाने के बावजूद अब तक यहां न तो पूरी पाइप लाइन बिछाई गई और न ही टंकी का निर्माण पूरा हुआ। सड़के खुदी पड़े होने से गांव वाले जरूर परेशान हैं।
विकास खंड सिद्धौर क्षेत्र के कोठी प्रथम में 9.49 करोड़ रुपये की कार्ययोजना वर्ष 2022 में स्वीकृत की गई थी। यहां पर जल निगम की ओर से पानी की टंकी बनाने के लिए बोरिंग कराई जा चुकी है, लेकिन टंकी की नींव नहीं रखी जा सकी है। बाउंड्रीवाल बनाकर गेट लगा दिया गया है। पाइप लाइन बिछाने से लेकर तमाम कार्य अधूरे हैं।
अब तक करीब 50 योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। 841 में से इस वर्ष दीपावली तक सभी के कार्य पूरे कर जलापूर्ति शुरू कराए जाने का लक्ष्य है। दिसंबर तक सभी स्थानों पर चल रहा कार्य पूरा हो जाएगा।