बाराबंकी। स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए शासन स्तर से प्रयास किए जा रहे हैं। गांवों में उपस्वास्थ्य केंद्र खोल लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। इस क्रम में जिले में 82 नए उपस्वास्थ्य केंद्र और बनाए जाने हैं। इसके लिए जमीन की तलाश की जा रही है। इन केंद्रों के निर्माण पर करीब 26 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च होगी।
जिले में 475 उपस्वास्थ्य केंद्रों का संचालन होना है। मौजूदा समय में 353 अपने भवनों में और 122 किराए के भवनों में संचालित हो रहे हैं। इन सभी के अपने भवन हों इसके लिए प्रयास जारी है। इसके लिए 40 स्थानों पर जमीन मिलने के बाद निर्माण की प्रक्रिया शुरू करा दी गई है, लेकिन 82 ऐसे स्थान हैं जहां पर अभी तक जमीन नहीं मिल सकी है। जमीन उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन की ओर से सभी एसडीएम को पत्र लिखा जा चुका है और जल्द से जल्द जमीन की तलाश पूरी हो इसके लिए प्रयास भी जारी है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जमीन की तलाश का कार्य इसी माह पूरा कर लिया जाएगा। इन उपस्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूरा कराए जाने के निर्देश शासन स्तर से जारी किए गए हैं।
गर्भवती महिलाओं और बच्चों को मिलेगा लाभ
इन उपस्वास्थ्य केंद्रों के शुरू हो जाने का सबसे ज्यादा लाभ गर्भवती महिलाओं और बच्चों को मिलेगा। इन्हें टीकाकरण के लिए निकट की सीएचसी और जिला महिला अस्पताल की दौड़ लगाने से राहत मिलेगी। इसके अलावा प्रसव की सुविधा भी मिल सकेगी। साथ ही सीएचओ की तैनाती होने पर ओपीडी का लाभ आसपास के गांव के मरीजों को मिल सकेगा।
जिले में 122 नए उपस्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण होना है। इनमें से 40 स्थानों पर निर्माण का कार्य चल रहा है। 82 स्थानों पर उपस्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण कराया जाना है। इसके लिए जमीन की तलाश का कार्य जोरों पर चल रहा है।
- डॉ. लवभूषण गुप्ता, नोडल, डिप्टी सीएमओ, चिकित्सा एवं पंजीयन