कॉलेज सचिव ने रोका प्राचार्य व केंद्राध्यक्ष का वेतन
बाराबंकी। जिस कॉलेज के अध्यक्ष जिलाधिकारी व सचिव एसडीएम सदर हों, वहीं कानून की परीक्षा हंगामे के बाद निरस्त हो गई। इसको लेकर जिला प्रशासन की किरकिरी के चलते एसडीएम सदर ने कॉलेज के प्राचार्य व केंद्राध्यक्ष का वेतन रोक दिया।
वहीं, अन्य शिक्षकों का वेतन नहीं बनाने पर संबंधित लिपिक का भी वेतन रोकते हुए अन्य स्टाफ का वेतन बिल बनाकर प्रस्तुत करने का आदेश जारी किया है।
जनेस्मा कॉलेज में चार जनवरी से एलएलबी की परीक्षा होनी थी। इसके लिए जिले के सात लॉ कॉलेजों के छात्र-छात्राओं का यहां परीक्षा केंद्र बनाया गया था।
मगर, एक वर्ष पूर्व की परीक्षा में हंगामे के बाद विश्वविद्यालय का परीक्षाफल निरस्त करने के भेजे गए पत्र के बाद रिजल्ट जारी किए जाने से नाराज प्राचार्य अवकाश पर चले गए।
ऐसे में केंद्राध्यक्ष की जिम्मेदारी डॉ. अंबरीश शास्त्री को मिली। जिला प्रशासन की ओर से एक मजिस्ट्रेट भी नामित किया गया। वहीं परीक्षा नियंत्रक स्वयं कॉलेज पहुंचे।
मगर, वही हुआ जिसका अंदेशा था। कॉलेज में लॉ के छात्रों ने हंगामा व तोड़फोड़ भी की। इसके बाद परीक्षाएं निरस्त हो गईं। इस मामले में जिला प्रशासन की किरकिरी हो गई।
इस पर कॉलेज के सचिव व एसडीएम सदर अजय कुमार द्विवेदी ने जनेस्मा के प्राचार्य डॉ. आरएस यादव व केंद्राध्यक्ष डॉ. अंबरीश शास्त्री का वेतन रोकने का आदेश दिया।
इस आदेश के बाद पूरे स्टाफ का वेतन बिल नहीं बनाया गया। इस पर एसडीएम सदर ने वेतन बनाने वाले लिपिक का वेतन रोकते हुए अन्य स्टाफ का वेतन बिल प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं।
एसडीएम सदर अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि जनेस्मा के प्राचार्य व केंद्राध्यक्ष के साथ ही वेतन बिल बनाने वाले लिपिक का वेतन रोकने का आदेश दिया गया है। शेष स्टाफ का वेतन भुगतान जल्द होगा।