प्रधानाचार्य की आत्महत्या की
धमकी से बैठक में सन्नाटा
क्रासर
- राजकीय कॉलेज के प्रधानाचार्यो के साथ बैठक कर रहे थे डीआईओएस
बाराबंकी। राजकीय कॉलेजों में गुणवत्ता परक शिक्षा को लेकर गुरुवार को दोबारा जिला विद्यालय निरीक्षक ने प्रधानाचार्यो के साथ बैठक की। शासन से मिले आदेशों के बारे में प्रधानाचार्यो को दिशा निर्देश दिए। वहीं मीटिंग के दौरान एक प्रधानाचार्य ने जब इस्तीफे व आत्महत्या की धमकी दे डाली तो सन्नाटा छा गया के बाद मामला गर्मा गया। हालांकि बाद में डीआईओएस की सूझबूझ से मामला शांत हुआ।
गुरुवार को जिला विद्यालय निरीक्षक राजकुमार अपने कार्यालय में राजकीय कॉलेज के प्रधानाचार्यो के साथ बैठक में कहाकि विद्यालय में जिस चीज की आवश्यकता है उसका प्रस्ताव दो दिन के अंदर उपलब्ध करा दे। वहीं 15 अगस्त को विद्यालयों में पौधों के गड्ढे पहले से ही खुदवा ले ताकि लक्ष्य को पूरा कर लिया जाय। विद्यालय के पूरे स्टाफ का डाटा निर्धारित प्रारूप पर भरकर ऑनलाइन करने, विद्यालयों में सभी मान्य विषयों में प्रवेश लेने के साथ समय से आधा घंटे पहले सात बजे विद्यालय पहुंचने की बात कही जिस पर एक प्रधानाध्यापक भड़क गए। उन्होंने अस्मर्थता जताते हुए इस्तीफा देने व सुसाइड करने की धमकी दे दी। इस बारे में डीआईओएस राजकुमार ने बताया कि एक प्रधानाचार्य ने अमान्य विद्यालयों द्वारा जान से मारने की आशंका जताई थी। ऐसे में उन्हें इस कार्य से मुक्त कर दिया गया। सुसाइड जैसी बात मेरे सामने नही कही।