काफी समय से बादलों के झमाझम बरसने की आस गुरूवार को पूरी हुई। पूरे दिन बारिश होने से उमस भरी गर्मी से राहत मिली तो शहर से लेकर गांव तक में जलभराव की समस्या पैदा हो गई। बारिश न होने से मायूस किसानों के बांछे खिल गई तो खेतों में धान की रोपाई का काम तेज हो गया। वहीं तालाब के रूप में तब्दील हुए शहर के मुख्य मार्ग ने नगर-पालिका परिषद की सफाई व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। गुरुवार को जिले में 55 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई।
गुरूवार की भोर से शुरू हुई झमाझम बारिश अपराह्न दो बजे तक हुई। बारिश से मौसम सुहाना हो गया। ऐसे में भीगते हुए विद्यालय आने-जाने वाले छात्रों ने बारिश का जमकर लुत्फ उठाया और सेल्फी भी ली। सुबह साढ़े दस बजे के करीब बारिश इतनी तेज हुई कि कुछ पल के लिए तो यातायात व्यवस्था ठप दिखी। हालांकि बाद में बारिश में भीगते हुए लोग फर्राटा भरते दिखे। कई दिनों से उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिली तो सुहाने मौसम के बीच चाय पकौडी का आनंद लिया। कार्यालय के समय पर बारिश होने से लोगों को अपनी तैनाती स्थल तक पहुंचने में काफी दिक्कतें हुई।
वहीं पटरी दुकानदारों को भी बारिश से बचाव के लिए अपनी दुकानें समेटनी पड़ी। ऐसे में उनका धंधा चौपट हो गया। जबकि, शाम होते ही बाजार व पार्को में रौनक रही। गुरूवार को जिले का तापमान अब तक के सबसे निचले स्तर पर अधिकतम 27.6 व न्यूनतम 26.0 डिग्री सेल्सियश रिकार्ड किया गया।