लगातार तीन दिनों की बैंक बंदी के कारण एटीएम सेवा पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। करेंसी न होने से शहर के किसी भी एटीएम का शटर नहीं खुल सका, जिससे पैसों के लिए लोग इधर-उधर भटकते रहे। ग्रामीण इलाकों में भी यही हाल रहा। शहर में सिर्फ एक पेट्रोल पंप पर ही लोगों को स्वैप मशीन से पैसा दिये गए। इससे यहां पर काफी भीड़ लगी रही। शनिवार से अवकाश होने के कारण लगातार तीन दिनोें से जिले मेें बैंक बंद है। बैंक बंद होने के से पैसों का लेन देन करने के लिए लोगों को एटीएम ही एक मात्र सहारा बचा है।
शनिवार को अवकाश के पहले दिन तो एटीएम से पैसे निकले लेकिन रविवार को सिर्फ एसबीआई के एटीएम से ही सुबह से लेकर दोपहर तक नकदी मिल सकी। इसके बाद से रविवार रात व सोमवार को पूरे दिन शहर के सभी बैंकों के एटीएम के शटर ही गिरा दिए गए। किसी भी एटीएम पर लोगों को एक भी पैसा नहीं निकल सका। एटीएम से कैश न मिलने से लोगों के जरूरी काम भी प्रभावित हो रहे। मंगलवार को तीन दिनों के अवकाश के बाद बैंक खुलने पर भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
शहर में लखनऊ मार्ग स्थित स्वास्तिक पेट्रोल पंप पर शनिवार व रविवार को स्वैप मशीन से लोगों को नकदी का वितरण कराया जा रहा है। पेट्रोल पंप प्रबंधक दीपक जैन ने बताया कि दो दिनों में करीब चार सौ लोगों मेें पांच लाख से भी अधिक नकदी दी गई है। इसके कारण यहां पैसों के लिए आने-वाले लोगों को काफी राहत मिली है।