बाल विज्ञानियों ने दिखाया हुनर
बाराबंकी। हाथ में विकास के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार के पोस्टर लिए बाल विज्ञानी बेबाकी से एकेडेमिक कोआर्डिनेटर के समक्ष अपना पक्ष रखते दिखे। उनके चेहरे पर कुछ कर गुजरने की चाहत थी।
हर सवाल का बेबाकी से जवाब देने का जज्बा जानकारों को खूब भाया। बाल वैज्ञानिकों के मॉडल राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस कार्यशाला के मुख्य आकर्षण रहे। वे जानकारों को मॉडल की विशेषताएं गिनाने में भी पीछे नहीं रहे।
शहर के आनंद विहार कांवेट इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यशाला में एकेडेमिक कोआर्डिनेटर आशीष पाठक ने कहा कि किसी समस्या को लेकर विज्ञानएवं नवाचार के माध्यम से शोध पत्र लिखने का गुण विकसित करने का एक सशक्त मंच राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस है।
इसके माध्यम से विद्यार्थियों में न केवल वैज्ञानिक सोच का विकास होता है, बल्कि वैज्ञानिक बनने की प्रेरणा भी मिलती है। इससे पूर्व राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के जिला स्तरीय दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारम्भ शनिवार को एकेडेमिक कोऑडिनेटर डा. सुजीत चतुर्वेदी, आशीष पाठक एवं डॉ.बीएल वर्मा ने संयुक्त रूप से किया।
इस मौके पर प्रधानाचार्य डॉ. सुविद्या वत्स, डॉ. विजय कृष्ण यादव, डीडी आर्या, जिला पर्यवेक्षक चन्द्रशेखर कांडपाल, जिला समन्वयक अजय कुमार मिश्र, सचिव राजीव श्रीवास्तव, आफ़ाक अली व शैलेंद्र सिंह आदि मौजूद थे।
बाल वैज्ञानिको ने जूनियर वर्ग (10 -14)वर्ष व सीनियर वर्ग (14-17) वर्ष में अपने-अपने अनुभव पत्र निर्णायक मण्डल के समक्ष प्रस्तुत किये। दोनों वर्गो में प्रस्तुत किये गये लगभग 200 से अधिक अनुभव पत्रों में दिव्यांगों के लिए तकनीक के प्रयोग से सुगमता, मिट्टी की छनन क्षमता, स्मार्ट सिटी एवं घरेलू ऊर्जा की बचत, सब्जियों एवं खाद्य सामग्रियों में कीटनाशक के प्रयोग आदि से सम्बन्धित एक से बढ़कर एक प्रोजेक्ट प्रस्तुत किये।
ग्लोबल एकेडमी के बाल वैज्ञानिक उमा, मानससी, अखिल, हिफजुर्ररहमान, सिद्वांत, निशांत, सत्यम व दीपक द्वारा तैयार किया गया मिट्टी की छनन क्षमता वाला माडल काफी सराहा गया। दो दिवसीय कार्यशाला का समापन रविवार होगा। जिसके मुख्य अतिथि पूर्व निदेशक डॉ. वीपी कम्बोज, राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के संयुक्त निदेशक अजय सिंह होंगे। विशिष्ट अतिथि डीआईओएस नन्द लाल सिंह और बीएसए पीएन सिंह व विनीता मिश्रा होंगी।