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71 हजार फर्जी कार्ड बना डकार गए राशन

Tue, 25 Oct 2016 11:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू होने के बाद आपूर्ति विभाग में अंधेरगर्दी मची है। विभागीय अधिकारी कोटेदारों के साथ मिलकर सारा खेल कर रहे थे। एक मार्च से लागू इस योजना में हर महीने करीब 71 हजार फर्जी नामों से कार्डों की फीडिंग कर राशन को डकार जा रहा था। सत्यापन के बाद ऑनलाइन फीडिंग के दौरान इसका खुलासा हुआ है।
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जिले में खाद्य सुरक्षा अधिनियम बीते एक मार्च से लागू किया गया। अधिनियम लागू होने से पहले ही पात्र गृहस्थी के तहत राशन कार्ड धारकों का चयन किया गया और उसकी फीडिंग भी कंप्यूटर पर करा दी गई। इस तरह से 6 लाख 26 हजार राशन कार्ड फीड कराए गए। इसी के आधार पर राशन का आवंटन हुआ और उसकी उठान भी कर ली गई।

आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को इस बात की जानकारी पहले से थी कि फर्जी नाम फीड किए गए हैं और वास्तविक पात्रों का नाम अभी भी फीड नहीं हो पाया है। पात्रों के हंगामा, धरना प्रदर्शन करने के बाद जिलाधिकारी ने जिला स्तरीय अधिकारियों से फीड किए गए नामों का सत्यापन कराया। सत्यापन के बाद पात्रों के नामों की फीडिंग शुरू हुई, जो अक्टूबर में पूरी हो जाएगी।
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इस दौरान पाया गया कि करीब 71 हजार 538 फर्जी नामों से राशन कार्ड बना दिए गए थे और इनके नाम से करीब सात माह तक राशन का उठान कर उसकी कालाबाजारी की गई। खुलासे के बाद अधिकारियों के होश उड़ गए, लेकिन सात माह तक फर्जी नाम के कार्डों पर राशन की उठान कर उसकी कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू होने के बाद बीपीएल राशन कार्ड समाप्त करते हुए इन्हें पात्र गृहस्थी में शामिल कर लिया गया। नए अधिनियम के तहत पात्र गृहस्थी में एक व्यक्ति को एक यूनिट माना गया है और प्रति यूनिट पर पांच किलो राशन दिया जाता है। एक कार्ड में पांच यूनिट हैं तो उस कार्डधारक को 25 किलो राशन दिया जाता है।
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