मतदान केंद्रों पर वोट डालने के लिए लगी लंबी-लंबी कतारें।
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तीसरे चरण के मतदान में वोट डालने का उत्साह मतदाताओं के सिर चढ़कर बोला। मतदान शुरू होने से पहले वोटरों की कतारें लग गईं। समय समाप्त होने के बाद भी कई केंद्रों पर वोटरों की लाइन लगी रही। जिले में पांच बजे तक 68.13 फीसदी रिकॉर्ड मतदान हुआ।
कुछ मतदान केंद्रो पर मामूली झड़पें हुईं। कहीं ईवीएम दगा दे गईं, तो कहीं मतदाताओं ने अपनी समस्याओं को लेकर चुनाव बहिष्कार किया। पर अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद वोट डाले। इसी के साथ तीन मंत्रियों समेत 68 प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई। अब 11 मार्च को वोटों की गिनती होगी।
रविवार की सुबह जिले की छह विधानसभा सीटों पर मतदान का दौरान शुरू हुआ जो देर शाम तक चलता रहा। लोग घरों से निकलकर मतदान केंद्रों पर कतार में लग गए। ओबरी मतदान केंद्र पर वोटरों की लाइन लग गई बाद में 7:20 बजे मतदान शुरू हो सका।
यह हाल कई मतदान केंद्रों पर देखने को मिला। तीसरे चरण में अब तक के मत प्रतिशत के सारे रिकॉर्ड टूट गए। मतदान के दौरान पूरे दिन डीएम डॉ. रोशन जैकब, एसपी वैभव कृष्ण व सभी विधानसभा क्षेत्रों के प्रेक्षक राउंड करते रहे।
जैदपुर में डीएम व एसपी पहुंचे तो दुकानें खोलकर मतदान स्थल के बगल में जुटी भीड़ को भगाया गया। यहां पर प्रचार सामग्री भी जब्त कर ली गई। कोटवा सड़क आदर्श मतदान केंद्र का नजारा बाहर से देखने पर किसी वैवाहिक स्थल जैसा दिख रहा था।
यहां पर मतदान के पास मतदाताओं को स्वागत में पेठा और अंगूर खिलाए जा रहे थे। कुछ मतदान केंद्रों पर आदर्श का सिर्फ बैनर दिखाई पड़ा। सब कुछ होने के बावजूद जलवा सिर्फ मतदाताओं का रहा।
विधानसभा 2012 में 65.38 प्रतिशत वोट पड़े थे। लोकसभा में घटकर 62.06 प्रतिशत रह गया था। पर वर्ष 2017 में यह बढ़कर 68.13 प्रतिशत तक पहुंच गया। लोकतंत्र के आंगन में जिस तरह वोट बरसे उससे साफ हो गया कि अपनी ताकत दिखाने के लिए आम आदमी पूरी तरह से जागरूक हो गया है।