शहर की तरह ही ग्रामीण अचंलों में भी पाइपलाइन पेयजल की सुविधा ग्रामवासियों को मिलेगी। शासन ने सूरतगंज ब्लॉक में निर्माणाधीन सात पेयजल परियोजनाओं को पूरा करने के लिए छह करोड़ से अधिक की धनराशि ग्राम्य विकास विभाग को जारी की है। कार्यदायी संस्था जल निगम के अधिकारी मार्च 2019 तक सभी पेयजल परियोजनाओं को पूरा कर ग्रामीणों को स्वच्छ जलापूर्ति देने का दावा कर रहे हैं।
राज्य ग्रामीण पेयजल योजना के तहत सूरतगंज ब्लॉक क्षेत्र के छह व देवा ब्लॉक की एक ग्राम पंचायतों में दस करोड़ 94 लाख दो हजार की अनुमानित लागत से पानी की टंकियों के निर्माण के साथ ही घरों तक पानी पहुुंचाने के लिए पाइप लाइन बिछाई जानी है। इन सात पेयजल परियोजनाओं के लिए शासन ने पूर्व में चार करोड़ 37 लाख 06 हजार की धनराशि आवंटित कर निर्माण कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए थे।
निर्माण कार्य की जिम्मेदारी कार्यदाई संस्था जल निगम को दी गई थी। प्रथम किस्त मिलने के बाद जल निगम ने एक साथ सात स्थानों पर परियोजनाएं शुरू कर दी थी। लेकिन प्रथम किस्त खर्च होने के बाद कई महीनों से शेष बजट के अभाव में यह परियोजनाएं अधर में लटकती हुई नजर आ रही थी। शासन ने शेष छह करोड़ 56 लाख 42 हजार का बजट भी विभाग को उपलब्ध करा दिया है। जल निगम के अधिकारी पैैसा मिलते ही सभी परियोजनों को मार्च 2019 तक पूरा करने का दावा कर रहे हैं।
सात पेयजल परियोजनाओं को पूरा करने के लिए शेष छह करोड़ से अधिक की धनराशि जारी होने का शासनदेश मिला है। बजट मिलते ही मार्च 2019 तक सभी परियोजनाएं पूरी कर ग्रामीणों के लिए पेयजल की सुविधा शुरु कर दी जाएगी।
केबी गुप्ता, अधीशाषी अभियंता, जल निगम।