बाराबंकी। कुर्सी से भाजपा विधायक कोरोना पाजिटिव पाए गए हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद वह अस्पताल में भर्ती हो गए हैं और संपर्क में आने वालों से होम क्वारंटीन होने के लिए कहा है। इसके अलावा महिला अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी, उपकृषि निदेशक कार्यालय में तैनात वरिष्ठ सहायक समेत करीब 58 और लोग संक्रमित पाए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद कई संक्रमित लोगों ने खुद को आइसोलेट कर लिया है तथा कई लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं प्रोटोकॉल के तहत उपकृषि निदेशक कार्यालय को दो दिनों के लिए बंद कर दिया गया है।
कोरोना का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिले में जिस तेजी के साथ कोरोना का संक्रमण फैलता जा रहा है, इस पर रोक लगा पाना अब आसान नहीं दिखाई दे रहा है। बुधवार को कुर्सी से भाजपा विधायक साकेंद्र प्रताप वर्मा भी संक्रमण की चपेट में आ गए। जांच रिपोर्ट पाजिटिव आने के बाद उन्होंने ट्वीट के जरिये यह जानकारी देते हुए अपने समर्थकों को संदेश दिया है कि जो लोग उनके संपर्क में आए हैं, वे स्वयं अपनी जांच करा लें।
इसके अलावा उपकृषि निदेशक कार्यालय में कार्यरत वरिष्ठ सहायक भी पाजिटिव पाए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद उन्हें होम आइसोलेशन में रखा गया है तथा जिलाधिकारी के आदेश के बाद कार्यालय को दो दिनों के लिए बंद कर सैनिटाइजेशन की प्रक्रिया शुरू करा दी गई है। वहीं जिला महिला अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी तथा एक कर्मचारी की जांच रिपोर्ट भी पाजिटिव आई है, उन्होंने खुद को होम क्वारंटीन कर लिया है।
इसके अलावा मेयो मेडिकल कॉलेज का एक पीजी का छात्र भी संक्रमण की चपेट में आ गया है। इसके अलावा डाकघर, हरख पीएचसी और सीएमओ कार्यालय का एक-एक कर्मचारी भी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। इसके अलावा जिले के 58 और लोग कोरोना की चपेट में आ गए हैं, जिनमें से कई लोगों को होम आइसोलेशन में रखा गया है तो कइयों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कोरोना संक्रमित लोगों के संपर्क में आने वालों का सैंपल लेने में भी लापरवाही बरती जा रही है। इससे परिवार के सदस्य निजी लैबों में पैसा देकर जांच कराने को मजबूर हैं। सुरजनपुर की एक महिला के पाजिटिव पाए जाने के बाद इनके परिवार के किसी भी सदस्य की अभी तक जांच नहीं की गई। इसके अलावा महिला की मां की हालत खराब होने पर परिवारीजनों ने निजी लैब में जांच कराई तो वह भी संक्रमित पाई गई जिस पर उन्हें हिंद अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जिले में हॉटस्पॉटों की संख्या 250 के आसपास पहुंच गई है लेकिन ज्यादातर इलाकों में घोर लापरवाही बरती जा रही है। उदाहरण के तौर पर लखपेड़ाबाग कॉलोनी में आए दिन कोरोना के मरीज मिल रहे हैं लेकिन इस इलाके को सील कराना तो दूर सैनिटाइजेशन तक नहीं कराया गया। कुछ इसी प्रकार का नजारा सिविल लाइन, सत्यप्रेमीनगर व आवास विकास कॉलोनी आदि में देखने को मिला। यहां के लोगों का आरोप है कि अधिकारियों की लापरवाही की वजह से जिले में कोरोना का संक्रमण इतनी तेजी से फैल रहा है।
जिले में कोरोना मरीजों की संख्या 1823 से ऊपर पहुंच गई है वहीं हॉटस्पाटों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई। देखा जाए तो सबसे ज्यादा हॉटस्पॉट 142 सदर तहसील नवाबगंज में, 13 रामनगर में, 16 सिरौलीगौसपुर में, 11 रामसनेहीघाट, 43 हैदरगढ़ और 22 हॉटस्पॉट फतेहपुर तहसील में हो गए हैं। इस तरह से जिले में कुल हॉटस्पाटों की संख्या 247 हो गई है।
पुलिस अधीक्षक ने जारी प्रेसनोट में बताया कि लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर 18 लोगों के खिलाफ अलग-अलग थानों में केस दर्ज कराया गया है। इस दौरान 922 वाहनों की जांच की गई और 346 वाहनों का चालान किया गया।