बाराबंकी। परिवहन निगम की अनुबंधित बसों के महाकुंभ जाने से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जिससे जिले में रोजाना सात से आठ हजार यात्रियों को धक्के खाना पड़ रहा है। परेशान यात्रियों की इस मजबूरी का फायदा उठाते हुए डग्गामार वाहन यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाने के एवज में मनमाना किराया वसूलने के साथ ही वाहनों को ओवरलोड कर सवारियां ढो रहे हैं।
शुक्रवार सुबह करीब सवा नौ बजे देवा रोड स्थित बस स्टेशन पर मात्र दो बसें ही मौजूद थी। इस कारण गंतव्य तक पहुंचने के लिए यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। करीब साढ़े दस बजे के बाद लखनऊ व फतेहपुर रूट की तीन बसें आने के बाद यात्रियों को कुछ राहत मिली। हैदरगढ़ रूट के लिए करीब दो घंटे से कोई बस नहीं आने के कारण बस स्टेशन से लेकर पटेल चौराहे तक यात्री इंतजार करते दिखे। घंटों परेशानी झेलने के बाद मजबूर यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए मजबूरी में डग्गामार वाहन का सहारा लेना पड़ा। ऐसे में डग्गामार वाहनों ने भी यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए मनमाना किराया वसूला।
हैदरगढ़, त्रिलोकपुर, लखनऊ और टिकैतनगर रूट की बसाें को प्रयागराज भेजे जाने से बसों का संख्या कम रही। बसों को महाकुंभ में भेजे जाने से अब सिर्फ 58 अनुबंधित बसों की ही संचालन हो रहा है। एआरएम जमीला खातून ने बताया कि सुबह लखनऊ भेजी गई बसें समय पर वापस नहीं आ सकीं, जिससे यात्रियों को परेशानी उठाना पड़ी। (संवाद)