बाराबंकी। लखनऊ के कुकरैल स्थित घड़ियाल पुनर्वास केंद्र से लाए गए 53 घड़ियाल के बच्चे शुक्रवार को सरयू नदी में छोड़े गए। लुप्त प्राय परियोजना के वन संरक्षक रंगराजू टी व रामनगर के ब्लॉक प्रमुख संजय तिवारी की मौजूदगी में एक-एक करके घड़ियाल के बच्चों को प्रकृतिवास के लिए मुक्त कर दिया गया।
वन संरक्षक रंगराजू टी ने बताया कि घड़ियाल का संरक्षण नदियों के पारिस्थितिक संतुलन के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि कुकरैल के घड़ियाल पुनर्वास केंद्र कुकरैल में इन शावकों को कई महीनों तक सुरक्षित वातावरण में पाला गया था। जिला पर्यावरणीय समिति के सदस्य बृजेश शर्मा, क्षेत्रीय वन अधिकारी रामनगरअल्पना पांडेय, टीएसए डॉ. शैलेन्द्र, डॉ. अरुणिमा सिंह, ब्लॉक प्रमुख संजय तिवारी, पर्यावरण प्रेमी मोनू भास्कर उपस्थित रहे। डीएफओ आकाशदीप बधावन ने बताया कि लोगों को नदी तट पर स्वच्छता का संदेश भी दिया और लोगों से अपील की कि वे नदी में प्लास्टिक या कचरा न फेंकें, ताकि वन्यजीवों का प्राकृतिक घर सुरक्षित रह सके।