जानलेवा हमले में छह को 10 वर्ष व 5 को 5 साल की कैद
बाराबंकी। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम जयशंकर मिश्र ने जानलेवा हमले व पिटाई कर हाथ तोड़ने के मामले में एक पक्ष के 6 लोगों को 10 वर्ष की कैद तथा 6-6 हजार रुपये जुर्माना तथा दूसरे पक्ष के 5 आरोपियों को 5 साल की कैद व 4-4 हजार रुपये अर्थदंड भुगतने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दो आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता राजकुमार वर्मा व गिरजा शंकर वर्मा ने बताया कि थाना कोठी के ग्राम टिकरिया मजरे अमसेरुवा निवासी सोनू यादव ने 25 दिसंबर 2006 को एक तहरीर थाना कोठी में दी थी। जिसमें बताया कि उसके परिवार के गोरख यादव, रामकृपाल व रामतीर्थ यादव के बंगले पर कब्जा करने की नियत से सत्य नरायन ने बेर के कांटों से घेर दिया था। दूसरे दिन सुबह वह परिवारीजनों के साथ कांटे हटाने लगा तभी जयप्रकाश, बलराम, देवतादीन, रामबरन, विक्रम, सत्यनारायन व हरीराम ने कट्टे व अद्घी लेकर जानलेवा हमला कर दिया व फायरिंग की व ईंट व गुम्मों से मारने लगे। जिसमें सोनू, शारदा, राजेश यादव, राजकरन, राम सुफल यादव समेत कई लोग घायल हो गए। वहीं द्वितीय पक्ष की ओर से रामबरन की ओर से दर्ज रिपोर्ट में बताया कि वह अपने नाना हरीराम के घर रहता है, 25 सितंबर 2006 को सुबह गांव के ही शारदा, सोनू, रामतीरथ, राकेश नाना की बाग में कब्जा करने आ गए। आरोपियों के विरोध करने पर उसे व परिवारीजनों को मारने लगे। बीचबरचाव कराने पहुंचे सत्यनरायन को शारदा ने लाठी मार दी जिससे उनका बांया हाथ टूट गया। इसके अलावा कैलाश चंद्र द्विवेदी व भगवत शरण पर कट्टे से फायर किया। अपर सेशन जज ने एक पक्ष के जयप्रकाश, बलराम, देवतादीन, रामबरन, विक्रम व सत्य नरायन को बलवा व जानलेवा हमले का दोषी पाते हुए 10 वर्ष की कैद व 6-6 हजार रुपये जुर्माना तथा दूसरे पक्ष के शारदा यादव, सोनू यादव, गोरख, रामतीर्थ व राकेश को पिटाई कर हाथ तोड़ने के आरोप में दोषी पाते हुए 5-5 वर्ष की कैद व 4-4 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दूसरे पक्ष के दो लोगों कैलाश चंद्र द्विवेदी व भगवत शरण को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया है।