अदालत ने दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया
बाराबंकी। अपर सत्र न्यायाधीश दयाराम ने हत्या के एक मामले में दो भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषियों को 20 हजार रुपये अर्थदंड भुगतने का भी आदेश दिया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता गिरजा शंकर वर्मा ने बताया कि थाना सफदरगंज में ग्राम रसौली निवासी हाशिम उर्फ मैनेजर व ठोढे 5 मार्च 2011 को शाम छह बजे गांव के ही लाल मुहम्मद को अंडा खिलाने के बहाने रसौली चौराहा कहकर बुला ले गए थे।
काफी देर तक जब लाल मुहम्मद घर नहीं लौटे तो उसकी पत्नी रहीशन अपने लड़के के साथ लेकर तलाश करने लगी। जब रसौली नहर पुलिया पर पहुंची तो उसके पति का शव नहर के पटरी पर पड़ा मिला। थोड़ी दूर पर उनकी बाइक भी खड़ी थी।
हाशिम उर्फ मैनेजर व ठोढे ने लाल मुहम्मद की गोली मारकर हत्या कर दी। मृतक लाल मुहम्मद व आरोपी जन साझे में लकड़ी का व्यापार करते थे। जिसमें लेन देन को लेकर आपसी विवाद था। घटना की रिपोर्ट मृतक की पत्नी रहीशन ने थाना सफदरगंज में दर्ज कराई थी।
विवेचना के दौरान आरोपी ठोढे के निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त आला कत्ल कट्टे व कारतूस भी पुलिस ने बरामद किया। गवाहों के बयान व पक्षों की बहस सुनने के पश्चात अपर सेशन जज ने अभियुक्तजन को उम्रकैद व हाशिम उर्फ मैनेजर को 20 हजार व ठोढे को 21 हजार रुपये जुर्माना भुगतने का आदेश दिया है।
पत्नी की हत्या में पति को आजीवन कारावास
बाराबंकी। अपर सत्र न्यायाधीश वीरभद्र ने हत्याभियुक्त को आजीवन कारावास व 12 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अमर सिंह यादव ने बताया कि सीतापुर जिले के थाना महमूदाबाद के ग्राम तिनहिया निवासी रामेश्वर ने अपनी पुत्री मंजू देवी का विवाह घटना से करीब छह वर्ष पूर्व थाना घुंघटेर के ग्राम भदरास निवासी राजकुमार के साथ किया था।
दहेज की मांग को लेकर राजकुमार उसे शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था। मांग पूरी न होने पर 26 जुलाई 2016 को राजकुमार ने मंजू देवी की हत्या कर लाश छप्पर में लटका दी थी। मामले में कुल छह गवाह परीक्षित कराये गये। डॉक्टर को छोड़कर सभी गवाह पक्षद्रोही हो गये। मात्र चिकित्सीय रिपोर्ट के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त राजकुमार को उम्रकैद व अर्थदंड की सजा सुनाई है।