बाराबंकी। दो साल बाद हो रही बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय विद्यालयों की परीक्षा अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ गई है। एक ओर जहां करीब 20 प्रतिशत बच्चे परीक्षा में भाग नहीं ले रहे हैं। जिनकी संख्या 50 हजार से अधिक है। वहीं इन स्कूलों के करीब तीन हजार अध्यापकों की ड्यूटी यूपी बोर्ड परीक्षा में लगा देने से परेशानी बढ़ गई हैं। कई स्कूल ऐसे हैं जहां की परीक्षा शिक्षामित्रों के भरोसे करवाई गई है। बृहस्पतिवार को भी कक्षा दो से आठ के बच्चों की परीक्षा दो पालियों में हुई।
पहली पाली में सुबह साढ़े नौ से साढ़े 11 बजे तक कक्षा तीन के बच्चों की हिन्दी विषय की परीक्षा हुई। जबकि कक्षा चार से आठ के बच्चों ने सामाजिक विज्ञान की परीक्षा दी। इसी प्रकार द्वितीय पाली में कक्षा दो से आठ तक के बच्चों की अंग्रेजी की परीक्षा हुई। जिले के 2636 परिषदीय विद्यालयों में 4 लाख से अधिक बच्चे हैं। परीक्षा 22 से 28 मार्च के बीच होनी है। पहले दिन कक्षा एक के बच्चों से मौखिक परीक्षा ले ली गई थी।
उसके बाद केवल कक्षा दो से आठ तक के बच्चों की परीक्षा ही हो रही है। जब से परीक्षा प्रारंभ हुई है करीब 20 प्रतिशत बच्चे शामिल नहीं हो रहे हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 50 हजार से अधिक बच्चे परीक्षा में शामिल नहीं हो रहे हैं। गुरुवार से शुुुरू हुई यूपी बोर्ड परीक्षा में परिषदीय विद्यालयों के करीब तीन हजार शिक्षकों की ड्यूटी लगा देने से परिषदीय विद्यालयों की परीक्षा रामभरोसे हो गई है।
बीएसए अजय कुमार सिंह 31 मार्च को रिटायर हो रहे हैं और इस समय अवकाश पर हैं। जिला समन्यवक प्रशिक्षण विनीता मिश्रा का कहना है कि जिन बच्चों की परीक्षा छूटी है, उनको बुलाया जा रहा है। परीक्षा दिलाई जाएगी।