परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या करीब सवा तीन लाख के आसपास है। इनमें से करीब 45 हजार बच्चों के आधार कार्ड अभी तक नहीं बनाए जा सके हैं। इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि इनके अभिभावक संपर्क करने के बाद भी बच्चों का आधार कार्ड बनवाने में कोई रुचि नहीं दिखा रहे हैं। विभाग का दावा है कि जो बच्चे रह गए हैं जल्द ही एक अभियान चलाकर उनके भी आधार कार्ड बनवा दिए जाएंगे।
जिले में परिषदीय विद्यालयाें की संख्या करीब 3 हजार के आसपास है। इनमें प्राइमरी 22 सौ और जूनियर 8 सौ विद्यालय संचालित हो रहे हैं। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या 2 लाख 50 हजार तो जूनियर विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या करीब 75 हजार के आसपास है। इस तरह परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की कुल संख्या 3 लाख 25 हजार है इनमें से 2 लाख 80 हजार बच्चों के आधार कार्ड बनाए जा चुके हैं।
करीब 45 हजार बच्चे ऐसे हैं जिनके आधार कार्ड बनाए जाने हैं। शिक्षा विभाग का कहना है कि इनके अभिभावकों से कई बार संपर्क किया गया लेकिन वह कोई रुचि नहीं दिखा रहे हैं। जिसकी वजह से इनके आधार कार्ड अभी तक नहीं बनाए जा सके हैं। विभाग का दावा है जो बच्चे रह गए हैं जल्द ही उनके आधार कार्ड बनवा दिए जाएंगे।
माध्यमिक स्तर पर हुई करीब 2167 छात्रों की फीडिंग
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत जनपद के राजकीय, अनुदानित व वित्तविहीन करीब 240 कॉलेजों की ऑन लाइन फीडिंग की जानी है। इनमें छात्रों के आधार नंबर भी फीड किए जाने हैं। विभागीय सूत्रों की मानें तो जनपद के सभी 240 कॉलेजों में कक्षा 9 से 12 तक में करीब 1.35 लाख छात्र-छात्राएं है। सभी कॉलेजाें ने अपने छात्रों का विवरण सीडी में फीड कर उसे जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में उपलब्ध करा दिया है। लेकिन अभी तक इनकी ऑनलाइन फीडिंग पूरी नहीं हो सकी है। अभी तक चार कॉलेजों के करीब 2167 छात्रों की ऑनलाइन फीडिंग की गई है।
फीड किया जा रहा डेटा
विभाग की मानें तो परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाने वाले शिक्षकों की संख्या आठ हजार के आसपास है। इन शिक्षकों का पूरा ब्यौरा फीड किया जा रहा है। जिसमें मोबाइल नंबर से लेकर आधार कार्ड तक शामिल है। अभी तक करीब 6 हजार शिक्षकों का विवरण विभाग के कंप्यूटर पर फीड कराया जा चुका है। जो अवशेष है जल्द उसे भी फीड करा दिया जाएगा।
परिषदीय विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या करीब सवा तीन लाख के आस-पास है। इनमें से करीब 2 लाख 80 हजार बच्चों को आधार कार्ड से लिंक करा दिया गया है। जो बच्चे किन्हीं कारणों से आधार से लिंक नहीं हो पाए हैं, इसके लिए बीईओ को निर्देश दिए गए हैं कि वह अभियान चलाकर इन बच्चों को आधार से लिंक कराएं। -पीएन सिंह, बीएसए