बाराबंकी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से सिविल कोर्ट परिसर में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान विभिन्न मद से जुड़े 1,39़,389 मामलों की सुनवाई कर पक्षकारों की सहमति के आधार पर उनका निस्तारण करा 19,64,34,887 रुपये के राजस्व की वसूली कराई गई।
इसे खास बनाने में जिला जज प्रतिमा श्रीवास्तव की सक्रियता अहम रही। जिला जज ने पारिवारिक न्यायालय पर सुलह समझौते से दंपतियों के मध्य विवादों को निस्तारण कराने पर बल दिया था, जिसका नतीजा यह रहा कि 21 दंपती एक साथ जाने को राजी हुए। सभाकक्ष में सुलह सफाई के बाद जब उन्होंने एक दूसरे को माला पहनाई तो जिला जज ने उन्हें लड्डू खिलाकर जिंदगी में मिठास बनाए रखने की कामना की।
इस अवसर पर पारिवारिक न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश सत्यदेव गुप्ता, अपर प्रधान न्यायाधीश सत्येंद्र कुमार पांडेय व कृष्ण कुमार तथा काउंसलर वीरेंद्र श्रीवास्तव, सुरेंद्र मिश्र व अरविंद कुमार भी मौजूद रहे। इससे पहले जिला जज ने राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ किया। उन्होंने सभी पटलों पर जाकर वादकारियों व बैंकर्स आदि से बातचीत की। जिला जज अपने साथ पानी की बोतल व बिस्किट के पैकेट भी लेकर चल रही थी, उन्होंने कई महिलाओं व उनके साथ आए बच्चों को गर्मी से राहत दिलाने के लिए पानी व बिस्किट प्रदान किए।
निस्तारित मामलों में सिविल कोर्ट विभिन्न न्यायालयों द्वारा 22,326 वादों का निस्तारण करते 26,16,80,77 रुपये अर्थदंड एवं प्रतिकर वसूल किया गया। प्री-लेटिगेशन स्तर पर वैवाहिक, राजस्व विभाग, बैंकों, विभिन्न विभागों के 11,7,063 मामलों का निस्तारण कर 17,02,66,810 रुपये वसूले गए। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सुधा सिंह ने सर्वाधिक 8287 वादों का निस्तारण किया। (संवाद)