फतेहपुर (बाराबंकी)। अग्निशमन विभाग की फतेहपुर इकाई संसाधनों के कमी से जूझ रही है। इकाई में मौजूद एक मात्र अग्निशमन वाहन के भरोसे 401 गांवों में आग लगने पर निरोधात्मक कार्रवाई की जिम्मेदारी है। ऐसे में आग लगने की घटना हो जाने पर काबू पाना बड़ी चुनौती बनता है।
मानक के अनुसार तहसील मुख्यालय पर अग्निशमन विभाग में एक एफएसओ, एक एफएसएसओ, दो एलएफएम, दो ड्राइवर, 16 फायर मैन, एक स्वीपर, एक फालोवर, दो बड़ी गाड़ी, एक छोटी गाड़ी होनी चाहिए। इसके इतर यहां पर सिर्फ चार फायर मैन व एक ड्राइवर ही तैनात है। यह पांचों कर्मचारी एक ही अग्निशमन वाहन के सहारे पूरी तहसील के 401 राजस्व गांवों में आग बुझाने की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। फिलहाल फायर स्टेशन कर्मियों ने पुरानी तहसील के जर्जर भवन से अपना काम संचालित कर रहे हैं। बीते दिनों कस्बे के सूरतगंज चौराहे पर कपड़े व ज्वेलर्स की दुकान में भीषण आग लग गई थी। आग पर काबू पाने के लिए जिला मुख्यालय से दमकल की एक गाड़ी मंगानी पड़ी थी।
14 करोड़ से बन रहा फायर स्टेशन
कस्बे के महादेव तालाब मंदिर के निकट एक वृहद फायर स्टेशन का निर्माण करीब 14 करोड़ की लागत से कराया जा रहा है। निर्माण कार्य पूर्ण करने के लिए 18 महीने का समय निर्धारित किया गया था। एक साल से ज्यादा का समय हो जाने के बावजूद इसका निर्माण कार्य रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है।