गर्मी की दस्तक और गांवों व कस्बों में फैली गंदगी के चलते संक्रामक रोग पांव पसारने लगे हैं। सूरतगंज कस्बे में कई बच्चे खसरे की चपेट में आ गए हैं। सीएचसी सुढ़ियामऊ में जिनका उपचार चल रहा है।
20 दिन के भीतर कस्बे में करीब सौ लोग खसरे की चपेट में आ चुके हैं। वहीं, हरख व सिद्धौर क्षेत्र के कई गांवों में खसरे की चपेट में आने से 15 लोग बीमार हैं।
सीएचसी सूरतगंज क्षेत्र के कस्बा सुढ़ियामऊ में खसरे की चपेट में आने वाले लोगों की संख्या में प्रतिदिन इजाफा हो रहा हैं।
कस्बे की हिना बानो (4), नगमा (9), फैज (10), शबाना खातून (9), इश्तियाक (9), शबीना (10), रवि (3), सलीम (6), परवीन (8) खसरे की चपेट में हैं। क्षेत्र में 20 दिन से चल रहे खसरे के प्रकोप में आकर 100 से ज्यादा लोग बीमार हो चुके हैं।
ग्रामीणों ने गांव में खसरा फैलने की सूचना सीएचसी प्रभारी सूरतगंज डॉ. धर्मेद्र राय को दी थी लेकिन अब तक कोई स्वास्थ्य टीम कस्बे में नहीं पहुंची। ग्राम प्रधान से कई बार शिकायत करने पर भी गांव की सफाई नहीं हो सकी। इस पर अब ग्रामीणों ने ही गांव की सफाई का जिम्मा स्वयं उठा लिया है।
सीएचसी सूरतगंज के प्रभारी डॉ. धर्मेंद्र राय का कहना है कि, प्रभावित क्षेत्र में स्वास्थ्य कर्मियों को भेजकर दवाएं वितरित कराई जा रही हैं।
उधर, हरख के मोहना गांव में खसरा फैलने से गांव के चंद्रशेखर, ऋषि कुमार, ममता, सोमिया, राजकुमारी, अमरेश, आरती, दिव्यांश, पुष्पा, रूपरानी, अतुल, मोहित, सुमित, मुकेश, गुड़िया, प्रियंका समेत 13 लोग बीमार हैं।
ग्रामीणों की सूचना पर बुधवार का सतरिख सीएचसी के अधीक्षक डॉ. संदीप तिवारी, दिनेश कुमार त्रिपाठी, डॉ. सुनील कुमार आदि की टीम लेकर गांव पहुंचे और पीड़ितों को दवाएं दीं। सिद्धौर के बिबियापुर गांव में भी खसरा फैल गया है।
गांव के राजवंश व सुमित इसकी चपेट मेें आ गए हैं। ग्रामीणों की सूचना पर सीएचसी प्रभारी डॉ. हरप्रीत सिंह ने गांव पहुंचकर दवाएं वितरित की और लोगों को सफाई का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी।