बाराबंकी। उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों को सम्मानित करने के लिए मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार की प्रक्रिया जिले में तेज हो गई है। जिले की कुल 1155 ग्राम पंचायतों में से इस बार केवल 359 पंचायतों ने ही ऑनलाइन प्रश्नावली के उत्तर भरकर अपनी दावेदारी ठोकी है।
आवेदन के बाद जिला स्तर पर 357 पंचायतों का डाटा फ्रीज कर दिया गया है। अब जनपद परफॉर्मेंस असेसमेंट कमेटी इन पंचायतों के दावों और ऑनलाइन दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है। इसके बाद चयनित ग्राम पंचायतों का स्थलीय सत्यापन (फिजिकल वेरिफिकेशन) किया जाएगा। सत्यापन में सही पाए जाने पर अंतिम सूची राज्य समिति को भेजी जाएगी।
इस पुरस्कार का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, पारदर्शिता और सुशासन को बढ़ावा देना है। ग्राम पंचायतों का चयन 100 अंकों की प्रश्नावली के आधार पर होता है। इसमें गरीबी मुक्त व उन्नत आजीविका, स्वस्थ एवं स्वच्छ गांव (जल प्रबंधन व ओडीएफ), बाल व महिला अनुकूल पंचायत और आत्मनिर्भर बुनियादी ढांचे जैसे मुख्य विषयों (थीम) पर मूल्यांकन किया जाता है। डीपीआरओ भूषण कुमार ने बताया कि सीएम अवॉर्ड्स पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों का परीक्षण कराया जा रहा है। जिला स्तरीय समिति की गहन जांच और स्थलीय सत्यापन के बाद पूरी तरह पात्र पाई जाने वाली ग्राम पंचायतों के प्रस्ताव राज्य समिति को भेजे जाएंगे।
रैंक के अनुसार मिलने वाली प्रोत्साहन राशि
सीएम अवॉर्ड के लिए पंचायतों में प्रथम स्थान पाने वाले को 35 लाख रुपये, दूसरा स्थान मिलने पर 32.5 लाख, तृतीय स्थान पाने वाली पंचायत को 30 लाख रुपये, चौथा स्थान मिलने पर 25 लाख और पांचवां स्थान हासिल करने वाली पंचायत को 20 लाख रुपये प्रोत्साहन राशि मिलती है। मुख्यमंत्री की ओर से राज्य स्तर पर चयनित पंचायतों को ट्रॉफी, प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार राशि सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाती है।