बाराबंकी। दीपावली पर अस्थायी पटाखा की दुकान लगाने के लाइसेंस के लिए 365 लोगों ने आवेदन किया है। लाइसेंस देने की प्रक्रिया तहसील स्तर से भी शुरू कर दी गई है। सबसे ज्यादा 143 आवेदन सदर तहसील नवाबगंज में व सबसे कम 18 रामसनेही घाट में आए हैं। जांच के बाद एसडीएम इनको तीन दिन का अस्थायी लाइसेंस जारी करेंगे।
दिवाली नजदीक आते ही पटाखों की मांग बढ़ने लगी है। सबसे ज्यादा पटाखे जैदपुर मंडी में बिकते हैं। दूसरे नंबर पर शहर में पटाखों की मांग रहती है। इसके लिए शहर से बाहर बड़ेल नहर के पास खाली पड़ी जमीन पर पटाखों की दुकानें लगती हैं। इसके लिए अस्थायी लाइसेंस जारी करने के लिए लोगों ने आवेदन किया है। इनमें फतेहपुर में 69, हैदरगढ़ में 61, सिरौलीगौसपुर में 22 और रामनगर में 43 लोगों ने पटाखा बेचने के लिए अस्थायी लाइसेंस मांगा है। अपर जिलाधिकारी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि डीएम ने सभी एसडीएम को जांच कर नियमानुसार लाइसेंस जारी करने के निर्देश दिए हैं।
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अवैध तरीके से भंडार तो नहीं
पटाखा बेचने का अस्थायी लाइसेंस मांगने वालों को लेकर प्रशासन काफी सजग है। पूर्व में हुए हादसों से सबक लेते हुए प्रशासन अस्थायी लाइसेंस जारी करने से पहले इस बात की भी जांच करा रहा है कि बिक्री करने वालों ने कहीं पटाखों का अवैध भंडारण तो नहीं कर रखा है।
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39 की जांच पूरी, भेजी रिपोर्ट
जिले में 39 पटाखा कारोबारी हैं। लखनऊ में हुए हादसे के बाद जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने सभी कारोबारियों के गोदामों की जांच के आदेश सभी एसडीएम को दिए थे। इनकी जांच पूरी हो गई है। एसडीएम स्तर से जांच के बाद इनकी रिपोर्ट भी डीएम कार्यालय को भेज दी गई है।