बाराबंकी। भीषण गर्मी के बीच जिले की बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। ट्रिपिंग, लो वोल्टेज और अघोषित कटौती ने पावर कॉर्पोरेशन की तैयारियों की पोल खोल दी है। फाल्ट व अघोषित कटौती के चलते शहर से लेकर गांवों तक हाहाकार मच गया है। शहर के 17 मोहल्लों सहित जिले के करीब 350 गांवों की बिजली आपूर्ति बेपटरी हो गई। इससे करीब तीन लाख लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।
शहर के आवास विकास, लखपेड़ाबाग, सरस्वती विहार, हजाराबाग, आजाद नगर, दीनदयाल नगर, कोठी डीह, विकास भवन रोड, गोकुल नगर, अशद नगर, पटेल नगर, कार्तिक विहार, लक्ष्मणपुरी कॉलोनी और बड़ेल समेत करीब 17 मोहल्लों में रातभर बिजली की आवाजाही जारी रही। लोग उमस और गर्मी में सोमवार को पूरी रात परेशान रहे। मंगलवार को भी ट्रिपिंग और लो वोल्टेज की समस्या बनी रही।
ग्रामीण क्षेत्रों में हालात और खराब रहे। त्रिलोकपुर उपकेंद्र से जुड़े 96 गांवों में सोमवार रात बिजली आपूर्ति ठप रही। यहां लोगों को 18 घंटे के बजाय केवल 8 से 10 घंटे बिजली मिल सकी, जिससे लगभग एक लाख लोग प्रभावित हुए। सतरिख क्षेत्र के मोहना उपकेंद्र के अंतर्गत नेवली, भगवानपुर, शेखनापुर, नरौली और दरावपुर सहित 104 गांवों में सोमवार शाम सात बजे से मंगलवार शाम 4 बजे तक बिजली गुल रही।
करीब 80 हजार लोग अंधेरे और गर्मी से जूझते रहे। इनवर्टर और बैटरियां जवाब दे गईं, लोगों को ट्रैक्टर बैटरी से मोबाइल चार्ज करने पड़े। वहीं कुर्सी उपकेंद्र से जुड़े टिकैतगंज, बिसई, पोखाननी, दरावान, समर्दा, खरिहानी और बाबागंज समेत 150 गांवों में मंगलवार को चार घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रही। सुबह 11:30 बजे गई बिजली दोपहर बाद करीब साढ़े तीन बजे लौटी। इससे लगभग 1.20 लाख आबादी प्रभावित हुई।
पावर कॉर्पोरेशन की अधीक्षण अभियंता राजबाला ने बताया कि गर्मी के चलते डिमांड बढ़ गई है। निर्बाध बिजली आपूर्ति का प्रयास किया जा रहा है। फाल्ट को तुरंत दुरुस्त कराया जा रहा है। सभी अधिशासी अभियंताओं को सतत मॉनीटरिंग के निर्देश दिए गए हैं।