बाढ़ से घिरे गांवों को
अब बीमारियों ने जकड़ा
क्रसार
- संक्रामक रोग फैलने से ढाई सौ लोग पड़े बीमार
- तीन दर्जन गांवों में फिर घुसा नेपाली पानी
- खतरे के निशान से 70 सेमी ऊपर पहुंचा पानी
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बाराबंकी। नेपाल से छोड़ा गया पानी तराई के तीन दर्जन से ज्यादा गांवों में फिर भर जाने हालात और बिगड़ने लगे हैं। इतना ही नहीं बाढ़ से घिरे गांवों में अब बीमारियों ने भी पांव पसारना शुरू कर दिया है। संक्रमण फैलने से करीब 250 लोग चपेट में आ गए हैं। दूसरी ओर एल्गिन चरसड़ी और रानीमऊ अलीनगर तटबंध पर बसे लोगों की दिक्कतें कम होने का नाम ही नहीं ले रहीं। सोमवार को जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी के साथ बाढ़ प्रभावित हेतमापुर क्षेत्र के दौरा ंर बाढ़ पीड़ितों का हाल जाना और यथा संभव मदद के आदेश दिए।
नेपाल द्वारा ढाई लाख क्यूसेक पानी छोड़ जाने के बाद इसका असर तराई में सोमवार को दिखाई देने लगा है। नदी के पानी से भरे रामसनेहीघाट और सिरौलीगौसपुर तथा रामनगर के तीन दर्जन से ज्यादा गांवों में फिर से बाढ़ का पानी पहुंच गया है। लेकिन नदी का पानी खतरे के निशान से अभी भी 70 सेमी ऊपर बह रहा है। बाढ़ पीड़ितों का कहना है कि नदी का पानी कम होने से गांवों मेेें भरा पानी भी कम होने लगा था। लेेकिन नेपाली पानी फिर से गांवों में भरने लगा है। सबसे बड़ी समस्या भोजन बनाने के लिए लकडियों का न मिल पाना बनता जा रहा है कि पहले से रखी लकड़ियां भीग गई हैं और चारों तरफ पानी भरा होने की वजह से सूखी लकड़ियां मिल नहीं पा रही हैं। इसके अलावा राशन और मवेशियों के लिए चारे की समस्या पहले से बनी हुई है।
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सुढ़ियामऊ। नेपाल से छोड़े गए पानी के बढ़ते जलस्तर को दो देखते हुए डीएम उदयभानु त्रिपाठी ने सोमवार को एडीएम संदीप गुप्ता के करीब 12 बजे सूरतगंज ब्लॉक के हेतमापुर बाढ़ क्षेत्र में पहुंच कर बाढ़ का जायजा लिया। घाघरा नदी के तट पर बसे हेतमापुर गांव के लोगों से बाढ़ की जानकारी लेने के बाद तटबंध पर तिरपाल के नीचे रह रहे बाढ़ पीड़ितों का हाल जानते हुए राहत सामग्री उपलब्ध कराने के तहसील प्रशासन को निर्देश दिए।
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संक्रामक रोग का कहर शुरू
विकास खंड पूरेडलई क्षेत्र के सिकरी, सेमरी, बसन्तपुर, पत्रा, ढेमा, किठुली, लिलार सहित अन्य गांवो में इस समय घाघरा की बाढ़ का पानी भरा हुआ है। इससे इन गांवों में तेजी से सक्रामक रोग फैल रहे हैं। बाढ़ की चपेट में आये गांवों में ढाई सौ ज्यादा लोग सक्रामक रोगों की चपेट में है। इसमें एक ही गांव के डेढ़ सौ लोग शामिल हैं। ग्राम पंचायत भुढवा मजरे हंसौर में गांव के चारों तरफ बाढ़ का पानी भरा हुआ है। काफी दिनों से भरे पानी से बदबू के साथ ही बीमारियां भी पैदा हो गयी है। ग्राम प्रधान दान बहादुर की सूचना पर सोमवार को सीएचसी अधीक्षक हेमंत गुप्ता व अन्य चिकित्सकों की टीम ने गांव पहुंचकर 158 मरीजों का इलाज कर दवाएं वितरित की।