टिकैतनगर/गनेशपुर(बाराबंकी)। बारिश से घाघरा में तेजी से बढ़ा जल स्तर गांवों में घुसने लगा है। शाम सात बजे घाघरा खतरे के निशान से सिफ 50 सेमीटर दूर रह गई थी। गांवो से ग्रामीणों ने पलायन शुरू कर दिया। बारिश व बाढ़ को लेकर एलर्ट जारी करने के बाद जिला प्रशासन के आला अधिकारी बांध और तटबंधों की सुरक्षा और बचाव के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को 24घंटे मुस्तैद रहने के निर्देश दिए है। एडीएम देर शाम बाढ़ पीड़ित क्षेत्र में पहुंचकर घाघरा की कटान वाले बंधों का निरीक्षण किया और बचाव का निर्देश दिया। घाघरा के तेवरों से पूरे तराई के निवासी भयभीत हो गए।
जिले के रामनगर, सिरौलीगौसपुर, फतेहपुर और रामसनेहीघाट तहसील क्षेत्र के करीब पौने दो सौ गांवों पर बाढ़ का संकट रहता है। कई दिनों से हो रही मुशलाधार बारिश से घाघरा के तेवर लगातार बढ़ते जा रहे है। गुरुवार को घाघरा के उस पार बसे जिले के रायपुर मांझा गांव में पानी घुस गया है। वही परसावल व नैपुरा गांव घाघरा के पानी से घिर गए है। जिससे भयभीत तराई वासी गांव को छोड़कर बंधे की ओर पहुंचने लगे हैं। बाढ़ को लेकर प्रशासन ने भी हाई-एलर्ट जारी कर दिया है। बाढ़ राहत कार्य के लिए एक प्लाटून फ्लड पीएसी ने भी गुरुवार को जिले में अपनी आमद दर्ज करा चुकी है। जिसे महादेवा मेला परिसर में ठहराया गया है। गुरुवार को एडीएम अनिल कुमार सिंह राजस्व टीम के साथ चरसढ़ी बांध के अलावा रायपुर मांझा गांव पहुंचे। वहीं एसडीएम रामनगर लव कुमार सिंह ने भी घाघरा के उस पार बसे खुज्झा व जमका गांव में पहुंचकर ग्रामीणों को बाढ़ को लेकर ऊंचे स्थानों पर पहुंचने के निर्देश दिए। वहीं दोपहर बाढ़ खंड के अधिकारियों ने कोठरी गौरिया स्थिति अलीनगर-रानी मऊ तटबंध का निरीक्षण कर उसे बचाने के लिए तैयारियों को पूरा किया। एडीएम ने बताया कि घाघरा के जलस्तर बढ़ने से अब खतरा बढ़ गया है। तराई में बसे ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम किया जा रहा है।