बाराबंकी। ऑनलाइन सीएम के यहां की जन शिकायतों की रेंडम चेकिंग में जिले के आलाधिकारियों से रूबरू प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़े लहजे में फटकार लगाई। कहा कि सबसे नजदीक जिला होने के कारण शिकायतों के निस्तारण में समय व गुणवत्ता का भविष्य में ध्यान रखा जाए। यहीं नही अधिकारियों की लापरवाही की करतूत तब सामने आ गई, जब शिकायत निंदूरा ब्लॉक की और जांच त्रिवेदीगंज ब्लॉक की कर दी गई। आननफानन अधिकारियों ने स्पेलिंग की गलती बताकर सुधारने की कोशिश की। हालांकि जिले के अफसरों ने रेंडम चेकिंग में दो पुलिस समेत छह शिकायतों के निस्तारण होने की बात कह कर अपनी लापरवाही छिपाने की भरपूर कोशिश करते रहे।
मालूम हो कि जिले की छह शिकायतों के निस्तारण पर मुख्यमंत्री द्वारा सीधे वीसी के माध्यम से जांचने के ऐलान के बाद अधिकारियों में हड़कंप मच गया। आननफानन शिकायतों के निस्तारण की पुख्ता रिपोर्ट तैयार करने के लिए शिकायतकर्ताओं से संपर्क साध कर मामलों को निस्तारित कर वीसी के लिए तैयार हुए अफसरों के पसीना छूट रहा था। क्योंकि यह पहला मौका था कि कोई सीएम आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज कराई गई शिकायतों के निस्तारण पर सीधे रूबरू हो रहा था। दस जिलों की वीडियो कॉफ्रेंसिंग में बाराबंकी का नंबर आठवें पर आया। तो वहां मौजूद अधिकारियों से सीएम ने सीधे पूछा सबसे नजदीक जिला तो शिकायतों के निस्तारण में देरी क्यों। अधिकारी कुछ बोलते उससे पहले उन्होंने कहा निस्तारण में गुणवत्ता व समय का भविष्य में ख्याल रखा जाए।
यह थे मामले
केस न.-1
निंदूरा ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायत अखिपुर में जिला पंचायत द्वारा करीब चार वर्ष पूर्व बीआरजीएफ योजना (बैकवर्ड रीजन्स ग्रांट फंड) के तहत मिनी सचिवालय का निर्माण नामित ठेकेदार द्वारा कराया गया था। बताया जाता है कि इस योजना में भ्रष्टाचार को लेकर प्रदेश सरकार ने इसकी जांच कराई थी। जांच के निर्देश मिलने के बाद मिनी सचिवालय का निर्माण कार्य ठप हो गया। ठेकेदार ने अधूरे कार्य को छोड़ दिया। जिसके बाद आज तक उसका निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ। कुछ ही दिनों पहले इसी ग्राम पंचायत के निवासी रामकुमार ने इसकी शिकायत तहसील दिवस में की थी। बताते है कि शिकायत के निस्तारण के लिए मामला विभाग में पहुंचने के बाद विभागीय अधिकारी व कर्मचारियों ने आननफानन अखिपुर की जगह त्रिवेदीगंज ब्लॉक के ग्राम पंचायत अखैैयापुर का मामला बताकर उसका निस्तारण कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि शिकायती पत्र में विकास खंड का नाम नहीं लिखा था।
केस नं.-2
विकलांग कल्याण विभाग द्वारा 7 जून 2017 को हैदरगढ़ में ट्राई साइकिलों का वितरण किया गया था। जिसमें विभागीय मंत्री भी पहुंचे थे। शिकायतकर्ता रमेश कुमार निवासी ग्राम गौसपुर ने कहा था कि उसे इसका लाभ नहीं दिया गया। जबकि वह पात्र है। हालांकि विभाग का कहना है उसके पात्रता की जांच की जा रही है।
केस नं.-3
पीड़ित मोहर्रम अली के खाते से बैंक कर्मी ने पैसा हड़प लिया। जांच में यह बताया गया कि पीड़ित का लोन जमा करने के लिए उसके खाते से पैैसा ट्रांसफर किया गया।