फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सिर्फ कागजों पर ही है बाढ़ से निपटने के इंतजाम

विज्ञापन
विज्ञापन
बाढ़ से बचने को ग्रामीण बना रहे नाव
विज्ञापन

प्रशासन उदासीन, कागजों पर चल रहे बचाव कार्य
एसडीएम फतेहपुर अब बना रहे नाव खरीदने का स्टीमेट
बाराबंकी। घाघरा नदी बरसात के समय हर साल तटीय क्षेत्रों में कहर बरपाती है। पूरे साल ग्रामीण एक-एक कर गृहस्थी का सामान जोड़ते हैं, जिसे नदी बाढ़ के समय तिनके की तरह बहा ले जाती है। प्रशासन बाढ़ से बचाव के नाम पर लाखों रुपये खर्च करता है पर ये सभी कागजी ही दिखाई देते हैं। प्रशासन की तैयारियों के बाद भी हर साल सैकड़ों परिवार बेघर होकर दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर रहते हैं। घाघरा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। बाढ़ का खतरा भी मंडरा रहा है। पर एसडीएम फतेहपुर इस समय नाव खरीदने का स्टीमेट तैयार कर रहे हैं। जबकि तटों पर घाघरा ने कटान तेज कर दी है। सहमे ग्रामीणों ने खुद के बचाव के लिए नाव बनाने की तैयारी शुरू कर दी है।
बाढ़ जब तबाही मचाने लगती है, तब प्रशासन को फ्लड पीएसी की सुधि आती है। निजी नाविकों से अनुबंध के नाम पर मात्र अभी तक नाविकों के चिन्हीकरण का दावा किया गया है। चरसड़ी बांध के कटे हुए दोनों छोरों को बचाने की कवायद हो रही है। तटबंध के किनारे कटान रोकने के लिए बनाए गए कटर की डीएम ने दो दिन पूर्व जानकारी ली थी। कटरों की संख्या कम होने पर डीएम ने दो कटर और बनाए जाने के निर्देश दिए थे। इस बार अभी तक 15 चौकी बनाई गई हैं।
विज्ञापन

अधिशासी अभियंता बाढ़ जेके लाल ने बताया कि बाढ़ की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जो कार्य अवशेष रह गए हैं, वे समय रहते पूरा कर लिए जाएंगे।

बीते साल 54 गांव ने झेला था दंश
बाढ़ से बीते वर्ष 54 गांव प्रभावित हुए थे। करीब 40 हजार जनसंख्या प्रभावित हुई थी। 18513 हेक्टेयर क्षेत्रफल प्रभावित हुआ था, जिसमें 8309 हेक्टेयर फसल बरबाद हो गई थी। जिसमें एक करोड़ 36 लाख 28 हजार 220 रुपये का नुकसान हुआ था। 17 आंशिक पक्के मकान और 73 झोपड़ियों को क्षति पहुंची थी। रामनगर तहसील में एक जनहानि भी हुई थी। सार्वजनिक परिसंपत्तियों का 822.27 लाख रुपये का नुकसान हुआ था।
विज्ञापन


बाढ़ से निपटने की तैयारियां पूरी
बाढ़ से निपटने के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। राहत सामग्री के लिए टेंडर हो चुका है। बंधा रिपेयर का कार्य पूरा हो गया है। जहां बंधा पर बहाव तेज होने की आशंका है, वहां पर अतिरिक्त पत्थर मौरंग आदि एकत्र कर लिया गया है। 213 नावों की व्यवस्था की गई है। खराब नावों को 14वें वित्त से दुरुस्त कराया गया है।
- अनिल कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें