बाराबंकी। रामनगर इलाके में बाराबंकी-बहराइच हाईवे पर दलसराय गांव के पास स्थित पेट्रोल पंप के कैश रूम से लाखों रुपये से भरी तिजोरी चोरी होने के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है।
इस सनसनीखेज वारदात में पेट्रोल पंप पर ही काम करने वाला कर्मचारी मोनू विश्वकर्मा ही मास्टरमाइंड निकला। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी की गई बंद तिजोरी बरामद कर ली है। तिजोरी में कुल नौ लाख 11 हजार 180 रुपये पाए गए हैं।
घटना 13 अप्रैल की रात करीब 12:30 से एक बजे के बीच की है। दलसराय गांव के पास स्थित ओम साई राम नाम से संचालित एचपी पेट्रोल पंप सुल्तानपुर निवासी डॉ. रजनीश सिंह का है। पंप की देखरेख इनके भतीजे अनुराग सिंह करते हैं।
अनुराग के अनुसार रात करीब 11 बजे भानु सिंह विश्राम कक्ष में सोने चले गए। आधी रात बाद तेल भर रहे सेल्समैन शिव कैलाश यूपीआई से कनेक्ट साउंड बॉक्स चार्जिंग पर लगाने के लिए गया तो देखा कि कैश रूम खुला व अंदर स्टोर रूम का ताला टूटा था। स्टोर रूम से तिजोरी गायब थी।
तुरंत उसने विश्राम कक्ष में सो रहे भानु सिंह को जगाया और घटना की जानकारी दी। इसके बाद पेट्रोल पंप मालिक और पीआरवी को सूचना दी गई।
प्रतापगढ़ के हनुमानगंज चंदुआपट्टी निवासी कार्यवाहक मैनेजर भानु सिंह की तहरीर पर अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पेट्रोल पंप के कैश रूम से पूरी तिजोरी उठाकर फरार हो गया था। तिजोरी में तीन दिन की नकदी रखी थी, क्योंकि शनिवार और रविवार को बैंक बंद रहने के कारण पैसा जमा नहीं हो सका था।
घटना के बाद सामने आए सीसीटीवी फुटेज में एक व्यक्ति बोरा ओढ़कर तिजोरी ले जाते हुए दिखाई दिया था, जिससे मामला और रहस्यमय हो गया था।
बृहस्पतिवार को पुलिस लाइन सभागार में खुलासा करते हुए एएसपी विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि आरोपी मोनू विश्वकर्मा पिछले दो वर्षों से उसी पेट्रोल पंप पर वाहनों में हवा भरने का काम करता था।
उसे पंप के अंदर-बाहर की पूरी जानकारी थी और यह भी पता था कि तीन दिन का कैश तिजोरी में रखा गया है।
योजना के तहत उसने तिजोरी चोरी करने के बाद उसे साइकिल से अपने गांव के पास एक मैदान के पीछे झाड़ियों में ले जाकर मिट्टी में गाड़ दिया था। इसके बाद वह करीब 48 घंटे तक तिजोरी खोलने की कोशिश करता रहा, लेकिन सफल नहीं हो सका।
पुलिस ने आरोपी के पास से तिजोरी के साथ वह साइकिल भी बरामद कर ली है, जिसका इस्तेमाल चोरी में किया गया था।