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Barabanki News: 3 साल, 2560 हादसे और 1368 लोगों की माैत

Mon, 16 Mar 2026 01:28 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
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बाराबंकी। जिले की सड़कों पर बिछती लाशें और अपनों को खोने वाले परिवारों की चीखें शायद प्रशासन के कानों तक नहीं पहुंच रही हैं। आंकड़े गवाह हैं कि बाराबंकी की सड़कों पर ब्लैक स्पॉट नहीं, बल्कि डेथ जोन सक्रिय है। पिछले तीन सालों में 1368 लोगों की माैत के बाद भी जिम्मेदार विभाग मॉडल ब्लैक स्पॉट के नाम पर सिर्फ कागजी खिलौने बना रहे हैं। 2560 लोगों का लहू सड़कों पर सूख चुका है, लेकिन सिस्टम की सुस्ती और भ्रष्टाचार की परतें टस से मस नहीं हो रही हैं।
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जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठकें अब केवल चाय-नाश्ते और कोरम पूरा करने का जरिया बन गई हैं। हर महीने जांच और कार्यवाही का जो नाटक फाइलों में खेला जाता है, उसकी हकीकत सड़कों पर पसरी मातम की खामोशी बयां करती है। 29 ब्लैक स्पॉट चिन्हित होने के बावजूद प्रशासन आज तक एक अदद मॉडल ब्लैक स्पॉट नहीं बना सका। क्या विभाग को और मौतों का इंतजार है। यातायात निरीक्षक रामयतन यादव ने बताया कि मॉडल ब्लैक स्पॉट चिन्हित करने के की प्रक्रिया चल रही है। इसे परिवहन, पुलिस और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को संयुक्त रूप से मिलकर चिन्हित कर लिया जाएगा। इसके लिए नोडल बनाए गए पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता राजीव राय इस मामले पर चुप्पी साध ली।
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14 स्पॉट्स पर सुधार का सफेद झूठ
असेनी मोड़, दारापुर कट, रसौली और सफदरगंज जैसे 14 स्थानों पर सुधार का ढिंढोरा पीटा जा रहा है, लेकिन हकीकत में वहां न तो पर्याप्त रेडियम संकेत हैं, न ही सड़कों की बनावट में कोई बदलाव। ये सुधार केवल कागजों पर है ताकि बजट खपाया जा सके। विभाग का दावा है कि काम चल रहा है, मगर सड़कों पर बढ़ता मौत का आंकड़ा इस दावे की पोल खोल रहा है।
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क्या होता है ब्लैक स्पॉट
किसी भी सड़क पर 500 मीटर के दायरे में तीन वर्षों के दौरान हुए हादसों का विश्लेषण किया जाता है। यदि इस अवधि में कम से कम पांच भीषण दुर्घटनाओं में 10 लोगों की मौत हो जाए या गंभीर दुर्घटनाओं का जोखिम अधिक हो, तो उस स्थान को ब्लैक स्पॉट घोषित किया जाता है।
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सवाल जो चुभेंगे
1368 मौतों की जिम्मेदारी आखिर किस अधिकारी की है?
मॉडल ब्लैक स्पॉट बनाने का बजट आखिर कहां गया?
क्या प्रशासन को केवल चालान काटकर राजस्व वसूलने में दिलचस्पी है, लोगों की जान बचाने में नहीं?

तीन साल में हुए हादसे
वर्ष-हादसे-मौत-घायल
2023-864-450-549
2024-943-527494
2025-753-391-412
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