बाराबंकी। स्थानीय नगर पालिका क्षेत्र में करीब 26 हजार मकान कर के दायरे में आएंगे। अभी तक ये मकान नगर पालिका को न तो गृहकर और न ही जलकर ही देते थे। नगर पालिका द्वारा कराए गए सर्वेक्षण में नए और सीमा विस्तार के बाद मकानों को शामिल किया गया है।
इन मकान मालिकों को नगर पालिका की नई स्वकर प्रणाली के तहत कर देना होगा। इससे अब नगर पालिका की आमदनी में प्रतिवर्ष ढाई करोड़ रुपये तक का इजाफा होगा। नगर पालिका प्रशासन की ओर से नोटिस भी जारी किया जा रहा है।
नगर पालिका नवाबगंज द्वारा नई स्वकर प्रणाली लागू कर दी गई है। इस नई प्रणाली के लागू करने के लिए नगर पालिका द्वारा शहरी क्षेत्र में आवासों का सर्वेक्षण कराया गया है। सर्वेक्षण में नगर पालिका क्षेत्र में करीब 37 हजार आवास मिले हैं जबकि अभी तक करीब 11 हजार आवासों से ही नगर पालिका को गृहकर व जलकर मिलता था।
सर्वेक्षण में जो आवास मिले हैं, उनमें नए के साथ 2017 और 2020 में हुए सीमा विस्तार के बाद शामिल आवास हैं। इस सर्वेक्षण से करीब 26 हजार मकान बढ़े हैं। इन मकानों को नगर पालिका ने आवासों की सूची में शामिल कर लिया है। इन नए मकानों को अब कर चुकाना होगा। यह कर नई स्वकर प्रणाली के तहत लगाया जाएगा।
इसका मूल्यांकन खुद ही मकान स्वामी कर सकेंगे। इन आवासों को कर के दायरे में लाने से नगर पालिका को करीब ढाई करोड़ के राजस्व का प्रतिवर्ष फायदा होगा। वहीं इन मकान मालिकों को नगर पालिका की ओर से पेयजल, साफ-सफाई आदि की सुविधा दी जाएगी। कर लेने के लिए नगर पालिका की ओर ने इन्हें नोटिस भेजा जाएगा।
नई स्वकर प्रणाली के तहत कर जमा करने के लिए अब आपको अपना मकान व मोहल्ला बताने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके लिए प्रत्येक आवास स्वामी को एक यूनिट आईडी नंबर दिया जाएगा। इस नंबर के जरिये आप अपना टैक्स ऑनलाइन व ऑफलाइन जमा कर सकेंगे।
नगर पालिका नवाबगंज में वित्तीय वर्ष 2019-20 से स्वकर प्रणाली लागू की गई है। इससे शहरी क्षेत्र में प्रत्येक आवास के टैक्स का निर्धारण नए सिरे से होगा। यह निर्धारण वार्ड, सड़क की चौड़ाई, मकान की स्थिति, कवर्ड एरिया, मकान की बनावट आदि का मूल्यांकन करने के बाद ही किया जाएगा। यह निर्धारण प्रत्येक वार्ड में अलग-अलग होगा।
नगर पालिका परिषद के ईओ पवन कुमार ने बताया कि स्वकर प्रणाली के तहत कराए गए सर्वेक्षण में करीब 26 हजार नए मकान नगर पालिका में शामिल हुए हैं। इन सभी का कर निर्धारण कर नोटिस भेजा जाएगा। किसी को अगर कोई दिक्कत आ रही है तो वह आपत्ति दर्ज करा सकता है।