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Barabanki News: सरयू की कटान में रोज समा रही 25 से 30 बीघा जमीन, 400 का गन्ना 150 में बेच रहे किसान

Mon, 05 Oct 2026 10:27 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
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कोटवाधाम। जलस्तर घटने के साथ ही तहसील क्षेत्र में सरयू की कटान किसानों के लिए मुसीबत बन गई है। तेज धारा खेतों की बड़ी-बड़ी करारों को काटकर अपने साथ बहा ले जा रही है। कोठीडीहा, घुटरू और सिरौलीगुंग गांव के पास करीब 15 दिनों से लगातार कटान हो रही है। ग्रामीणों के मुताबिक नदी रोजाना 25 से 30 बीघा कृषि भूमि काट रही है। खेतों में खड़ी गन्ने और धान की फसल भी नदी में समा रही है।
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किसान जितेंद्र बहादुर सिंह, हितेंद्र बहादुर सिंह, राजपाल यादव, गुड्डू, नानके और हरिनाम यादव ने बताया कि उनकी जमीन लगातार कटान की चपेट में है। फसल को नदी में बहने से बचाने के लिए किसान समय से पहले गन्ना और धान काट रहे हैं। कई किसान गन्ने को चारे के रूप में बेच रहे हैं या गोशालाओं तक पहुंचा रहे हैं। कटान से खेतों में लगे पेड़-पौधे भी नदी में गिर रहे हैं।
घुटरू गांव के पास कटान करते-करते नदी की धारा आबादी के करीब पहुंच गई है। ग्रामीणों का कहना है कि स्थिति देखने अभी तक कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा है। एसडीएम अनिल कुमार सरोज ने बताया कि कटान रोकने के संबंध में बाढ़ खंड के अधिकारियों से बातचीत की जा रही है।
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चार सौ वाला गन्ना 150 में बेचने की मजबूरी
कटान से किसानों को फसल और जमीन दोनों का नुकसान उठाना पड़ रहा है। कोठीडीहा, सिरौलीगुंग और घुटरू गांव में गन्ने की फसल नदी की चपेट में आने के डर से किसान उसे चीनी मिल में बेचने के बजाय चारे के लिए नजदीकी गोशालाओं में दे रहे हैं। किसानों के मुताबिक सरकारी भाव करीब 400 रुपये प्रति क्विंटल है, लेकिन कटान के कारण उन्हें गन्ना करीब 150 रुपये प्रति क्विंटल में चारे के लिए बेचना पड़ रहा है।
पेड़-पौधे भी कटान की जद में
सरयू की कटान केवल खेतों तक सीमित नहीं है। नदी की तेज धारा के कारण खेतों की मेड़ पर खड़े पेड़-पौधे भी लगातार कटकर नदी में गिर रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक कई स्थानों पर खेतों की बड़ी-बड़ी करारें नदी में समा चुकी हैं। घुटरू गांव के पास कटान बढ़ने से नदी की धारा आबादी की ओर बढ़ रही है। इससे ग्रामीणों में खेतों के साथ घरों तक नदी पहुंचने की चिंता बढ़ गई है।
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