कस्बे के पूर्व चेयरमैन समेत करीब 25 लोग डेंगू से पीड़ित पाए गए हैं। परिवारीजन ने मरीजों को उपचार के लिए लखनऊ के निजी अस्पतालों में भर्ती कराया है। कस्बे में एक साथ इतने लोगों में डेंगू पाए जाने से हड़कंप मच गया है।
कस्बे के पूर्व चेयरमैन रामनरेश वर्मा इनकी पत्नी राजरानी और पुत्री आरती वर्मा पिछले कई दिनों से बुखार से पीड़ित चल रही हैं। चिकित्सकों की सलाह पर जांच कराई तो डेंगू की पुष्टि होने पर परिवारीजनों ने उपचार के लिए लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया है।
इसके अलावा कस्बे के मोहल्ला गढ़ी और पहेतिया निवासी मोहित वर्मा (14), सीमा वर्मा (17), ललित मिश्रा (25), अर्चना मिश्रा (13) अनामिका प्रजापति (37), प्रकाश प्रजापति (40), श्यामा देवी (58), सावित्री देवी (60), हरिओम शुक्ला (30), सुरेश रावत (50), आरती देवी (22), विनय यादव (25), सनो (10), सलाहुद्दीन, बडकन्नू समेत करीब 25 लोगों में डेंगू के लक्षण पाए गए हैं।
परिवारीजनों ने बताया कि ये लोग पिछले तीन-चार दिनों से बुखार से पीड़ित चल रहे थे। पहले निजी चिकित्सकों से उपचार कराया गया, लेकिन हालत में सुधार नहीं होने पर जिला अस्पताल में दिखाया गया था।
जहां चिकित्सकों की सलाह पर जांच कराई गई तो डेंगू की पुष्टि होने पर लखनऊ के निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कस्बे में एक साथ इतने लोगों में डेंगू की लक्षण पाए जाने से हड़कंप मच गया है। लोगों ने इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दी है लेकिन अभी तक चिकित्सकों की टीम इन मोहल्लों को नहीं पहुंची है।
बुखार के नाम पर लूट
मामूली बुखार आने पर भी सीएचसी के चिकित्सक तुरंत खून की जांच लिख देेते हैं। सीएचसी के बगल में एक मेडिकल स्टोर खुला है यहां पर पैथालॉजी संचालित की जा रही है। चिकित्सकों की मिली भगत से चल रही इस पैथालॉजी पर जांच के नाम पर 4 सौ रुपये मरीजों से लिए जाते हैं।
भेजी जा रही डॉक्टरों की टीम
कस्बे के दो मोहल्लों में कुछ लोग बुखार से पीड़ित हैं इसकी सूचना मिली है। जिस पर डॉक्टराें की एक टीम भेजी जा रही है। कई लोगों में डेंगू के लक्षण पाए जाने की जानकारी नहीं है क्योंकि काफी संख्या में लोग निजी चिकित्सकों से उपचार करा रहे हैं। -डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव, प्रभारी चिकित्साधिकारी सीएचसी सतरिख