बाराबंकी। इंफ्लूएंजा (एच3 एन 2) के लक्षण वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी और निजी अस्पतालों में सोमवार को 500 से अधिक सर्दी, जुकाम, बुखार और खासी के मरीज पाए गए। इनमें से अधिकांश में इंफ्लूएंजा के लक्षण बताए गए। जिले में जांच के कोई इंतजाम हैं न दवाएं ही उपलब्ध हैं।
डॉक्टर सीबीसी रिपोर्ट के सहारे मरीजों का इलाज करने को मजबूर हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने कोविड के लिए बने वार्डों में 230 बेड आरक्षित कर दिए हैं। हालांकि अभी तक किसी का सैंपल लेकर जांच के लिए नहीं भेजा गया है। ऐसे में स्वास्थ्य महकमा भी सिर्फ कागजों पर इलाज का दावा कर रहा है।
जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी तक सोमवार को मरीजों की लाइन लगी रही। इन अस्पतालों की ओपीडी में इन दिनों सबसे ज्यादा सर्दी, जुकाम, बुखार और खांसी से पीड़ित मरीज आ रहे हैं। सोमवार को इन अस्पतालों की ओपीडी में करीब 3200 मरीज देखे गए इनमें सर्दी, जुकाम, बुखार और खासी के मरीजों की संख्या 500 के आसपास बताई गई। इनमे से ज्यादातर मरीज इंफ्लूएंजा के संदिग्ध पाए जाने पर चिकित्सक सीबीसी की जांच कराकर मरीजों को दवाएं दे रहे हैं। इसकी जांच के लिए किट आती है लेकिन जिले के अस्पतालों में यह किट उपलब्ध नहीं है।
अस्पताल में नहीं हैं ये दवाएं
जिला अस्पताल में मौजूदा समय में ओमेज कैप्सूल, एसीक्लो टेबलेट, टरमाडॉल टेबलेट, बी कांपलेक्स टेबलेट, सोडियम बलपरेट टेबलेट और कफ सीरप उपलब्ध नहीं है। जबकि इस समय इन दवाओं की सबसे ज्यादा जरूरत है लेकिन ये दवाएं अस्पताल में नहीं हैं। मरीज ये दवाएं बाहर से खरीद रहे हैं। इस बाबत चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेश कुशवाहा का कहना है कि इन दवाओं के विकल्प मौजूद हैं जो दवाएं नहीं है उनकी डिमांड भेजी गई है। जल्द ही आने की उम्मीद है।
एच3एन2 के लक्षण
मांसपेशियों में तेज दर्द, बलगम के साथ या फिर सूखी खांसी आना, पूरे शरीर में ठंड लगना, थकान लगना, पसीना आना, शरीर में दर्द, बुखार, भूख न लगना, पानी की कमी हो जाना, नाक का बहना आदि एच3एन2 के प्रमुख लक्षण हैं। इसके अलावा गले में खराश, मतली आना, सांस फूलना, सिर दर्द, सीने में दर्द आदि भी इंफ्लूएंजा के लक्षण हो सकते हैं।
संक्रमण होने पर क्या करें
एसीएमओ डॉ. संजय बाबू का कहना है कि यदि इस प्रकार के लक्षण नजर आते हैं तत्काल निकट के अस्पताल में जाकर चिकित्सक से सलाह लें। खांसी और छींक आने पर मास्क पहने और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचे और सोशल डिस्टेंसिंग का पूरी तरह से पालन करें। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही न बरतें क्योंकि जरा भी लापरवाही आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है।
इंफ्लूएंजा रोग से निपटने को विभाग पूरी तरह से तैयार है। इसके लिए जिला अस्पताल में 40, संयुक्त चिकित्सालय सिरौलीगौसपुर में 40 तथा सभी 15 सीएचसी पर दस-दस बेड मरीजों के लिए आरक्षित कर दिए गए हैं। कोविड काल के दौरान जिन बेडों को मरीजों के लिए आरक्षित किया गया था उन्हीं बेडों को फिर से आरक्षित किया गया है। यदि कोई संदिग्ध मरीज पाया जाता है तो उसकी जांच के लिए ब्लड का सैंपल लखनऊ भेजा जाएगा। फिलहाल जिले में भी तक इंफ्लूएंजा का कोई मरीज नहीं मिला है।
डॉ. अवधेश कुमार यादव, सीएमओ