पुलिस व खुफिया तंत्र को 24 घंटे तक नहीं लगी भनक
देवा (बाराबंकी)। बिना एंट्री के कस्बे के एक धर्मशाला में बांग्लादेशियों के ठहरने की सूचना से शुक्रवार को हड़कंप मच गया। सूचना पर हरकत में आई पुलिस और खुफिया विभाग ने तब राहत की सांस ली जब सभी 34 बांग्लादेशियों के टूरिस्ट वीजा और अन्य कागजात सही पाए गए।
मगर इस दौरान धर्मशाला में बिना किसी लिखा-पढ़ी के विदेशियों को ठहराने और 24 घंटे तक किसी को इसकी भनक तक न लगने से सुरक्षा के प्रति लापरवाही उजागर हो गई। यह हाल तब है जब देवा कस्बा सुरक्षा की दृष्टि से अतिसंवेदनशील माना जा रहा है।
यहां पर संदिग्ध लोगों की गतिविधियों के मद्देनजर एटीएस और एसटीएफ कई बार सुरक्षा को लेकर कडे़ कदम उठा चुकी है। हालांकि पुलिस व खुफिया तंत्र के जिम्मेदार बांग्लादेशियों के टूरिस्ट वीजा पर आने की बात कहकर अपना बचाव करने में जुटी है। मगर, धर्मशाला के दस्तावेजों में उनकी एंट्री न करना एक बड़ा सवाल है।
देवा कस्बे के कुर्सी रोड पर स्थित मोहल्ला हुज्जाजी-3 में बंगाली धर्मशाला है। शुक्रवार को अचानक बाहरी लोगों के ठहरने की सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस और खुफिया विभाग को उनके बांग्लादेशी होने पर होश उड़ गए। धर्मशाला के मैनेजर रामचंद्र वारसी के पास कौन लोग ठहरे हैं।
कहां के रहने वाले हैं। इसकी न तो कोई एंट्री थी और न ही वह कुछ सही बता पाए। इतना बताया कि कलकत्ता से कुछ लोग आए हैं। कस्बा इंचार्ज नैमिष कुमार सिंह ने बताया कि पूछताछ के दौरान वहां ठहरे लोगों ने बताया कि बांग्लादेश से 34 लोग टूरिस्ट बीजा पर यहां आए हुए हैं। जिसमें चार महिलाएं भी शामिल हैं। जहां 34 बांग्लादेशियों के होने की बात सही मिली।
मगर, धर्मशाला के रजिस्टर में किसी की एंट्री नहीं पाई गई। पुलिस ने बांग्लादेशी नागरिक मुशीर अहमद, सलीम, अय्यूब अली, इकबाल व नसीमुद्दीन चौधरी निवासी अगराबाद जिला सीटोंग बांग्लादेश से बात की तो उनके पासपोर्ट व टूरिस्ट वीजा के संबंध में जानकारी हुई। उधर, पुलिस की हरकत में आने के बाद आननफानन में धर्मशाला के मैनेजर ने बांग्लादेशी नागरिक को बस में बैठाकर देवा से बाहर भेज दिया।
बिना रजिस्ट्रशन चल रहा धर्मशाला
यह धर्मशाला कोलकाता निवासी प्रवीण कुंडू टुलटुल दादा का है। उसका पर्यटन विभाग में रजिस्ट्रेशन तक नही है। धर्मशाला में सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगे हैं। हालांकि धर्मशाला मैनेजर रामचंद्र वारसी अब नियमों की जानकारी न होने की बात कहकर अपना बचाव कर रहे हैं।
34 बांग्लादेशी नागरिक टूरिस्ट वीजा से बांग्लादेश से देवा शरीफ घूमने के लिए आए थे। इन सभी नागरिकों के पासपोर्ट व टूरिस्ट वीजा के पत्रों की जांच की गई। जिसमें यह लोग सही पाए गए। किसी प्रकार की कोई संदिग्ध बात प्रकाश में नहीं आई है।
-आरपी पाण्डेय, इंस्पेक्टर
स्थानीय अभिसूचना इकाई
बांग्लादेशी नागरिकों के देवा में ठहरने की सूचना पर पुलिस ने मौके पर जाकर जांच की थी। बंगाली धर्मशाला संचालक की लापरवाही से किसी की एंट्री नहीं की गई थी। बांग्लादेशी नागरिक टूरिस्ट वीजा पर इंडिया घूमने आए हैं। उनके पास मौजूद प्रपत्र सही पाए गये हैं। धर्मशाला मैनेजर की संदिग्ध भूमिका की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
-धनंजय सिंह, कोतवाली प्रभारी, देवा