एम्स में ही भविष्य संवारेंगे अभिषेक
राष्ट्रीय स्तर की तीन मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में बेहतरीन प्रदर्शन कर छोड़ी छाप
अमर उजाला ब्यूरो
बाराबंकी। राष्ट्रीय स्तर की तीन मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में बेहतरीन प्रदर्शन कर अभिषेक ने जिले का गौरव बढ़ाया है। तीनों परीक्षा में ओबीसी कैटेगरी रैंक अच्छी आने के बाद अभिषेक ने एम्स को चुना। जिसमें वह अपना कॅरियर बनाना चाहते है। अभिषेक के पिता दिनेश वर्मा जिला कारागार के अस्पताल में फार्मासिस्ट के पद पर तैनात हैं। अभिषेक ने साउथ इंडिया के जिपमर मेडिकल परीक्षा में आल इंडिया रैंक 175 तो ओबीसी वर्ग मे 28वीं रैंक लाकर अपनी जगह बनाई। उसके बाद एम्स की मेडिकल प्रवेश परीक्षा में अभिषेक की सामान्य कैडर में पूरे देश में 72वीं व ओबीसी श्रेणी में 9वीं रैंक हासिल की थी। अभिषेक ने शुक्रवार को घोषित नीट की प्रवेश परीक्षा परिणाम में आल इंडिया रैंक 31 व ओबीसी वर्ग में दूसरी रैंक लाकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा दिया। राष्ट्रीय स्तर की तीनों मेडिकल प्रवेश परीक्षा के परिणाम आने के बाद अभिषेक से बात की गई तो वह बेबाकी से बोले कि एम्स में प्रवेश पाना हर किसी का सपना होता है। दिल्ली के एम्स में प्रवेश पाकर वह बहुत कुछ सीखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि कॅरियर बनाने के लिए एम्स से अच्छा कुछ नहीं है। अभिषेक की सफलता के बाद उनके परिजन काफी गदगद हैं। अब उसे एम्स में तीन जुलाई से होने वाली काउंसलिंग का इंतजार है।
मकसूद ने रोशन किया जिले का नाम
हैदरगढ़। गांव में भी प्रतिभाओं की कमी नहीं है। यह साबित किया है हैदगढ़ कस्बे के सब्जी मंडी में रहने वाले मकसूद अहमद ने। मकसूद ने नीट की प्रवेश परीक्षा में 585 अंक हासिल कर आल इंडिया में 4078वीं रैंक व ओबीसी श्रेणी में 1298 वीं रैंक हासिल कर परिवार के साथ कस्बे का नाम रोशन किया। मकसूद के पिता अब्दुल सकूर की बिल्डिंग मैटीरियल की दुकान है। उसकी मां गृहणी है। मकसूद की सफलता के बाद पूरे कस्बे में उल्लास है। तो उसके घर बधाई देने के लिए पहुंचने वालों का सिलसिला जारी है।