पिछली विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी रहे 19 लोगों ने व्यय लेखा नहीं दाखिल करने के चलते आयोग ने इन पर तीन साल तक चुनाव लड़ने पर बैन लगा दिया है। प्रशासन भी इन प्रत्याशियों को चिन्हित कर इन पर नजर रखे हुए है। इसके चलते ये सभी प्रत्याशी वर्ष 2019 तक चुनाव नहीं लड़ सकेंगे।
विधानसभा चुनाव 2012 में चुनाव लड़ चुके जनपद विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के 19 पूर्व प्रत्याशियों पर निर्वाचन आयोग ने चुनाव लड़ने पर तीन साल का बैन लगा दिया है। बैन किए गए प्रत्याशियों में कुर्सी विधानसभा क्षेत्र से बालक राम निवासी बुधना कतुरीकला, बाला प्रसाद निवासी नौबस्ता ज्योरी, नरेंद्र कुमार निवासी टिकरा बड्डूपुर, प्रदीप कुमार मौर्या निवासी जरुआ शामिल हैं।
दरियाबाद विधानसभा क्षेत्र से जगन्नाथ निवासी अशरफपुर, जुहेर अहमद निवासी टेसुआ सलेमपुर, जैदपुर विधानसभा क्षेत्र के उमेश कुमार रावत निवासी विजय नगर पैसार देहात, राम मगन निवासी मारुफपुर, सुरेश चंद्र निवासी समसाबाद सादामऊ, बाराबंकी विधानसभा क्षेत्र से दिनेश कुमार निवासी पवैयाबाद, बृजनाथ निवासी गोपालपुर, श्रीजी निवासी तिंदोला, सुरेंद्र कुमार निवासी रामपुर जोगा बरौली जाटा, सूफी उबैदुर्र रहमान निवासी मसजिद रेलवे स्टेशन रोड शामिल हैं।
रामनगर विधानसभा क्षेत्र से अशोक कुमार निवासी हुसैन नगर इटौंजा, निर्मला देवी शर्मा निवासी आवास विकास कॉलोेनी, विवेक मिश्र निवासी दूर संचार कॉलोनी अलीगंज लखनऊ, मकरदुन निवासी सिसवन धरमपुर बिसुनपुर व रामलखन निवासी किठूरी सफदरगंज शामिल हैं।
विधानसभा चुनाव-2012 में चुनाव लड़े इन प्रत्याशियों ने चुनाव आयोग में अपना व्यय लेखा नहीं दाखिल किया था। जिसके चलते आयोग ने इन सभी पूर्व प्रत्याशियों के चुनाव लड़ने पर तीन साल का बैन लगा दिया है। इसकी सूची प्रशासन को भेजी गई है।
पिछली विधानसभा चुनाव-2012 में व्यय लेखा का ब्यौरा चुनाव आयोग को नहीं दिए जाने के चलते कई प्रत्याशियों के चुनाव लड़ने पर बैन है। इन प्रत्याशियों पर ध्यान दिया जा रहा है कि वे इस बार नामांकन न कर पाएं। -अनिल कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी