बाराबंकी। बाढ़ पीड़ितों को बचाने का काम इस बार होमगार्ड 15 जुलाई से बाढ़ क्षेत्र में करेंगे। यह जिम्मेदारी उन होमगार्ड के जवानों को दी जाएगी जिनको पूर्व में बाढ़ से निपटने का प्रशिक्षण ले चुके है। वहीं राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने जिले के 20 होमगार्डों को वर्ष 2015 में फैजाबाद में इसका प्रशिक्षण दिया गया था। मगर, पिछले वर्ष होमगार्डों को बाढ़ में नहीं लगाया गया था। मगर, इस बार नेपाल से लगातार घाघरा में छोड़े जा रहे पानी से तराई बेल्ट में रहने वाले लोगों को खतरा बढ़ गया है। ऐसे में जिला प्रशासन आपदा प्रशिक्षित होमगार्डों इस काम में लगाने की तैयारी में है। यह होमगार्ड बाढ़ पीड़ितों राहत पहुंचाने का काम करेंगे। जिले में होमगार्ड विभाग के एक ऐसे बीओ राधेश्याम यादव है। जिन्होंने कोलकत्ता (पश्चिम बंगाल) से बाकायदा बाढ़ से जुड़ी ट्रेनिंग ले रखी है इनके नेतृत्व में प्रशिक्षित होमगार्ड को दो सेक्शन में बांटा जाऐगा। 10 -10 होमगार्ड जवानों को रामनगर व सिरौलीगौसपुर तहसील में रोका जाएगा। उसके जरूरत पड़ने पर बचाव कार्य के लिए उन्हें बाढ़ क्षेत्र में भेजा जाएगा।
आपदा के संसाधनों से लैस होंगे होमगार्ड
विभाग के पास आपदा से निपटने के संसाधन भी मौजूद है। जिनसे लैस होकर होमगार्ड के जवान बाढ़ पीड़ितों की मद्द करेगें। 20 पीवीसी शूट, 20 लाइफ जैकेट, 20 लाइफ ब्याय, 2 पोर्टबल आक्सीजन सिलेंडर व फर्स्टएड सामग्री विभाग के पास उपलब्ध है।
बाढ़ पीड़ितों की मद्द के लिए आपदा प्रशिक्षित 20 होमगार्डों को बाढ़ के बचाव कार्य में लगाया जाएगा। जिसकी सूचना बाढ़ आपदा के नोडल अधिकारी एडीएम को दे दी गई है। बस विभाग के डीजी को भेजे गए पत्र पर अनुमति मिलने का इंतजार है। उसके बाद होमगार्डों को बाढ़ क्षेत्र के लिए रवाना कर दिया जाएगा। - एसपी सिंह, जिला कमांडेंट, होमगार्ड बाराबंकी