बाराबंकी। लोकसभा चुनाव से पहले ही पुलिस किसी भी हालात से निपटने के लिए तैयार हो गई है। शांति व्यवस्था में खलल डालने की आशंका में जिले के 22 थानों व कोतवाली में 30 हजार से अधिक लोग पुलिस के राडार पर हैं। इनमें से 15 हजार लोगों को पुलिस पाबंद कर चुकी है। 37 लोग ऐसे हैं जो गुंडा घोषित कर छह माह के लिए जिले से निष्कासित किए चुके हैं।
वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में जहां 20 जोन थे वहीं इस बार 22 जोन बनाए गए हैं। सी-प्लान एप से पुलिस हर गांव की निगरानी करेगी। इस एप पर जिले के 1700 से अधिक गांवों के लोग जुड़े हैं। जिनके नाम गुप्त हैं। कोई सूचना या घटना होने पर पुलिस इन्हीं लोगों से असलियत जानेगी। एएसपी दक्षिणी डॉ. अखिलेश नारायण सिंह ने बताया कि इस बार ड्रोन कैमरे से मैपिंग की गई है। छतों व सकरी गलियों की निगरानी हो रही है।
112 मिलाते ही नौ मिनट में पुलिस
जिले में 38 पीआरवी संचालित हैं। पुलिस ने घटनास्थल या इवेंट पर तत्काल पहुंचने के मामले में अपना रिस्पांस टाइम बेहतर किया है। 112 पर कॉल करने पर पहले पुलिस कम से कम 15 मिनट तो लगाती ही थी मगर अब यह समय केवल नौ मिनट रह गया है। यूपी 112 के प्रभारी निरीक्षक उमेश बहादुर सिंह ने बताया कि आसपास ही पुलिसकर्मी मौजूद हैं तो दो मिनट भी नहीं लगेंगे।
ड्रोन से छतों व सकरी गलियों की निगरानी
पुलिस सुरक्षा का अहसास दिलाने के लिए शहर व कस्बों में पैदल मार्च कर रही है। एसडीएम व तहसीलदार भी साथ चल रहे हैं। लेकिन इस बार पुलिस ड्रोन कैमरों से सकरी गलियों व छतों की निगरानी कर रही है। एएसपी दक्षिणी डॉ. अखिलेश नारायण सिंह ने बताया कि पुलिस को भ्रमित नहीं किया जा सकेगा। कुछ लोगों की छतों पर लाठी-डंडे रखे मिले हैं। उनको तलब किया गया है।
आपत्तिजनक टिप्पणी पर तत्काल केस
हर हालत से निपटने के लिए पुलिस तैयार है। एक-एक गांव के बारे में जानकारी ली जा रही है। शांति व्यवस्था में खलल डालने पर पर त्वरित कार्रवाई हो रही है। सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी पर केस दर्ज कर कार्रवाई होगी।
- दिनेश कुमार सिंह, एसपी