स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत ओडीएफ प्लस गांवों को लेकर सूची तैयार करते एडीपीआरओ व अन्य कर्मचा
बाराबंकी। स्वच्छ भारत मिशन और पाइप वाटर सप्लाई से संतृप्त जिले के 150 गांव स्वच्छता का माॅडल होंगे। प्रदेश में ऐसे तीन जिलों का चयन किया गया है, इनमें बाराबंकी का नाम भी शामिल हैं। मिशन निदेशक स्वच्छ भारत मिशन राजकुमार ने इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारियों को पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं। यूनिसेफ ने उपलब्ध कराई गई सूची के गांवों को गोद लेकर यहां पर शासन के निर्देशों के अनुसार कार्यक्रम शुरू करने की तैयारियां तेज कर दी हैं।
जिले में 15 ब्लॉक हैं और प्रत्येक ब्लॉक से करीब 10-10 गांवों का चयन स्वच्छ मॉडल गांव के लिए किया गया है। फेज वन और फेज टू में ओडीएफ प्लस और पाइप वाटर सप्लाई से संतृप्त घोषित किए गांव इनमें शामिल किए गए हैं। शासन के निर्देश पर इसकी सूची यूनिसेफ को उपलब्ध करा दी गई है। संस्था अब इन गांवों में कमियों की चिह्नित कर ओडीएफ मॉॅडल को हासिल करने के लिए खाका तैयार करेगी और प्राथमिक विद्यालय, सामुदायिक शौचालय व आंगनबाड़ी केंद्रों को भी इसमें शामिल करेगी।
ओडीएफ मॉडल गांव बनाने के लिए यहां पर कार्य करने के लिए लगाए जाने वाले स्टेक होल्डरों को भी समय-समय पर सहयोग दिया जाएगा। यहीं नहीं ठोस व तरल कचरा प्रबंधन से संबंधित परिसंपत्तियों के निर्माण में लगे कर्मियों की क्षमता का संवर्धन किया जाएगा। इसके अलावा समुदाय के लोगों के साथ बैठक कर उन्हें ओडीएफ प्लस मॉडल गांव बनाने में सहयोग के लिए प्रेरित किया जाएगा।
महिला सशक्तीकरण पर जोर
यूनिसेफ द्वारा गोद लिए गए गांवाें में महिला सशक्तीकरण पर जोर दिया जाएगा। लैंगिक समानता के आधार पर ओडीएफ प्लस मॉडल गांव बनाने व जलवायु परिवर्तन के प्रभाव पर इन गांवों के लोगों को जागरूक किया जाएगा।
फेज वन और फेज टू में जिन 150 गांवों को स्वच्छ भारत मिशन के तहत ओडीएफ प्लस घोषित किया गया था उन गांवों की सूची यूनिसेफ को उपलब्ध करा दी गई है। यूनिसेफ ने इन गांवों को गोद लेने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
- नीतेश भोंडेले, डीपीआरओ