कोठीडीहा गांव के पास खेत की जमीन काटती सरयू नदी। संवाद
कोटवाधाम। सरयू नदी का जलस्तर घटते ही सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र में कटान तेज हो गया है। घुटरू और कोठीडीहा गांव के पास नदी खेत काटकर बहा ले जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार अब तक 150 बीघे से अधिक कृषि भूमि नदी में समा चुकी है। कटान नहीं रुका तो गांवों की आबादी पर भी खतरा बढ़ सकता है।
किसान अनूप सिंह ने बताया कि इस बार सरयू की धारा का रुख बदल गया है। नेपाल से आई सिल्ट नदी के बीच जमा होने से यह हिस्सा ऊंचा हो गया है। इससे धारा घूमकर आबादी की ओर बह रही है। पहले बबुरी गांव की ओर कटान हो रहा था, अब घुटरू और कोठीडीहा में कटान तेज है।
कई किसानों के खेतों का बड़ा हिस्सा नदी में समा चुका है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत कर कटान रोकने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। एसडीएम सिरौलीगौसपुर अनिल कुमार सरोज ने बताया कि सर्वे कराया जा रहा है।
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धाम बचाने में जुटा बाढ़ खंड
रामनगर के हेतमापुर में सरयू का कटान कुछ धीमी पड़ने के बाद बाढ़ खंड ने बाबा नारायणदास धाम को बचाने के लिए बचाव कार्य तेज कर दिया है। नदी धाम से सटकर बह रही है। लोहे की जाली में बड़े बोल्डर और पत्थर भरकर नदी किनारे लगाए जा रहे हैं। मिट्टी खिसकने से धाम के दाहिने हिस्से की नींव प्रभावित हुई है। मुख्य गेट की दीवार में दरारें आ गई हैं और बरामदे की फर्श धंस गई है। बीते एक महीने में कटान से करीब 70 मकान, मंदिर, मस्जिद और दूरभाष केंद्र नदी की चपेट में आ चुके हैं।
पानी में सड़ रही घास, मच्छरों का प्रकोप
हेतमापुर में जगह-जगह पानी जमा होने और घास सड़ने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। ग्रामीणों ने दवा का छिड़काव कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि धाम को बचाने के लिए चल रहे बचाव कार्य को और मजबूत करने की जरूरत है। नदी की धारा अब भी किनारे से सटकर बह रही है, जिससे खतरा बना हुआ है।