जन सूचना अधिकार के तहत नहीं मिल सकी जानकारी
हैदरगढ़ (बाराबंकी)। ग्रामीणों ने गोमती नदी के तटवर्ती क्षेत्र में रौनी वन क्षेत्र के ईट भट्ठे संचालित हो रहे हैं। जन सूचना अधिकार अधिनियम के तहत ग्रामीणों ने इसकी जानकारी मांगी थी लेकिन वन विभाग के पास से कोई जानकारी नहीं मिल सकी।
कोतवाली के दांदूपुर गांव की आबादी के निकट संचालित ईंट भट्ठे से ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। गोमती नदी के तटवर्ती क्षेत्र में रौनी वन क्षेत्र व सरकारी जंगल करीब नियम विरुद्ध तरीके से भट्ठा लगाने की शिकायत पर प्रशासन मौन बना हुआ है। किसानों की भूमि पर खनन करने से बगल के किसानों को भी अपने खेत की उपजाऊ मिट्टी औने पौने दामों पर बेचनी पड़ती है जिससे खेत की सिंचाई नालियां, खलिहान व कृषि भूूमि बरबाद हो रही है। भट्ठा से निकले प्रदूषण के कारण सरकारी जंगल की हरियाली नष्ट हो रही है तथा निजी बागों के पेड़ों पर फल नहीं आ रहे है। बीते वर्ष दिसंबर के तहसील दिवस में शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। गांव के निवासी राजेंद्र कुमार सिंह ने जन सूचना अधिकार अधिनियम के तहत जन सूचना अधिकारी वन से तीन बिंदुओं पर जिसमें भट्ठे की रौनी वन क्षेत्र से दूरी , वन विभाग से एनओसी दिए जाने व एनओसी नहीं होने पर की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी थी। लेकिन वन विभाग कोई जानकारी नहीं दे सका।