डीआईओएस ने पकड़ी 4 शिक्षकों की फर्जी नियुक्तियां, रद्द
अनुमोदन में फाइल जाने पर हुआ खुलासा, अजीमुद्दीन अशरफ इस्लामिया इंटर कालेज का मामला
शिक्षकों के रिटायर्डमेंट से तीन महीने पहले ही पद रिक्त दिखा शुरू कर दी गई थी भर्ती प्रक्रिया
अमर उजाला ब्यूरो
बाराबंकी। रिटायर्डमेंट से पहले ही पद रिक्त मानकर विज्ञापन निकाल कर तीन प्रवक्ता व एक सहायक अध्यापक की कि गई नियुक्ति को जिला विद्यालय निरीक्षक ने कड़ा कदम उठाते हुए रद्द कर दिया है।
मामला शहर के अजीमुद्दीन अशरफ इस्लामियां इंटर कॉलेज (मैनारिटी कॉलेज) का है। यहां 31 मार्च को हिंदी, वाणिज्य व रसायन विज्ञान के प्रवक्ता व हिंदी के सहायक अध्यापक (एलटी ग्रेड) के शिक्षकों का रिटायर्डमेंट होना था। मगर, कॉलेज के प्रबंधतंत्र ने इसका अधोमानक विज्ञापन तीन माह पूर्व दिसंबर 2016 में ही एक दैनिक समाचार पत्र में निकला दिया था जिसमें पद के सापेक्ष योग्यता, आयु आदि का भी उल्लेख नहीं किया गया। उसके बाद प्राप्त हुए आवेदन पर 28 अप्रैल को कॉलेज कार्यालय में ही प्रबंधतंत्र ने इंटरव्यू कर लिया। इस साक्षात्कार में कुल 105 आवेदक शामिल होने का दावा किया गया। मगर, इसमें से एक ही धर्म के 4 लोगों का चयन कर लिया। इस प्रक्रिया को लेकर पूर्व में डीएम व शिक्षा निदेशक माध्यमिक से शिकायत भी हुई। इसी क्रम में 12 मई को नियुक्ति की फाइल अनुमोदन के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक के कार्यालय पहुंची। तब इसका खुलासा हुआ। उसके बाद फाइल का अवलोकन कर डीआईओएस ने कॉलेज प्रबंधतंत्र को नोटिस भेजी। जिसका सही जवाब प्रबंधतंत्र न देकर कालेज के मैनारिटी होने पर इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम लागू होने का हवाला दिया। नोटिस का सही जवाब न मिलने पर डीआईओएस ने नियुक्ति रद्द कर दी।
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अजीमुद्दीन अशरफ इस्लामियां इंटर कालेज में 3 प्रवक्ता व एक सहायक अध्यापक के पद पर की गई नियुक्ति में इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम की अनदेखी की गई। साक्षात्कार में शामिल हुए 105 आवेदकों में एक ही धर्म के 4 आवेदकों का चयन कर लिया गया। इस तरह की बहुत सारी अनियमितताएं प्रकाश में आने पर नियुक्ति रद्द कर दी गई। जिसकी सूचना शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) को भी भेजी गई है।
- रामशरण सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक बाराबंकी