बाराबंकी। जिले में पावर कॉर्पोरेशन की लापरवाही आम जनता की जिंदगी पर भारी पड़ रही है। वर्ष 2025-26 में बिजली लाइनों की मरम्मत के नाम पर पांच डिवीजनों में 158 करोड़ रुपये पानी की तरह बहाए गए, लेकिन जमीनी हकीकत जस की तस है। गांव और गली-मोहल्लों में मौत बनकर लटक रहे जर्जर तार विभाग के दावों की पोल खोल रहे हैं।
हाल ही में मंझूपुर गांव में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से एक किसान, उसकी मां और बहन के गंभीर रूप से झुलसने की भयावह घटना इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है। विडंबना यह है कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी केवल लीपापोती करने में जुटे हैं। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से आ रही तस्वीरें बेहद डरावनी और प्रशासनिक उदासीनता को बयां करने वाली हैं।
17 करोड़ की योजना फिर
बिजली वितरण व्यवस्था को आधुनिक और उपभोक्ता केंद्रित बनाने के लिए वर्ष 2025-26 में पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के तहत करीब 144 करोड़ रुपये की लागत से कार्य कराए गए हैं। इसके अलावा बिजनेस प्लान के तहत करीब 14 करोड़ से बिजली अवसंरचना को मजबूत करने के लिए कार्य करा गए हैं। इसमें जर्जर बिजली लाइनों के बदलने, नए ट्रांसफार्मरों की स्थापना, उपकेंद्रों के सुदृढ़ीकरण, स्मार्ट मीटरिंग तथा वितरण नेटवर्क के आधुनिकीकरण आदि कार्य शामिल हैं। वहीं वर्ष 2026-27 में बिजनेस प्लान के तहत 17 करोड़ रुपये की लागत से नए कार्य कराए जाने की योजना है।
तार टूटने से हुई घटनाएं
04 मई 2026- फतेहपुर क्षेत्र में बकरी चराते समय एक 12 वर्षीय बच्चा निर्माणाधीन मकान की छत पर खेलते हुए हाईटेंशन तार की चपेट में आ गया और गंभीर रूप से झुलस गया था।
16 अगस्त 2022- रामनगर क्षेत्र के ददौरा गांव में देशराज सुबह खेत में काम कर रहे थे। अचानक तार टूटकर गिरने से देशराज करंंट की चपेट में आ गए। यह देख 15 साल के लवकुश उन्हें बचाने दौड़ा और वह भी करंट की चपेट में आ गया। पिता और पुत्र दोनों की मौत हो गई थी।
18 अक्तूबर 2019- सतरिख क्षेत्र के जरूवा गांव में खेतों में लटक रहा हाईटेंशन लाइन का तार टूट कर मवेशियों के ऊपर जा गिरा। इससेे जरूवा निवासी रामसुरेश यादव की एक गाय व छह अन्य मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई थी।
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दृश्य- एक
तार के कारण आम की फसल भी बर्बाद
फोटो- 13
हैदरगढ़ से सुबेहा मार्ग के पास स्थित बाबा का पुरवा में देवेंद्र विजय सिंह के आम के बाग में 11 हजार केवीए की लाइन जमीन के बेहद करीब लटक रही है। ग्रामीण इस कदर खौफजदा हैं कि करंट के डर से पेड़ों में कीटनाशकों का छिड़काव तक नहीं कर पा रहे हैं, जिससे आम की पूरी फसल बर्बाद हो गई। इसी जगह पहले भी एक युवक तार की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो चुका है, लेकिन बार-बार शिकायत के बावजूद अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। यहां करीब एक किलोमीटर की दूरी में तार लटक रहे हैं।
दृश्य- दो
आबादी के बीच हवा चलने पर टूट रहे तार
फोटो- 3
कोटवाधाम। सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र के मसूदपुर गांव में करीब 20 साल पहले बिछाई गई बिजली लाइन के तार जर्जर व ढीले हो चुके हैं। हालात यह हैं कि तेज हवा चलने पर टूट कर गिर जाते हैं। करीब 15 दिन पहले तार टूट कर गिर गया था। तार टूटने के बाद उसे दुरुस्त होने पर घंटा-दो घंटा तो कभी पूरा का पूरा दिन बीत जाता है। यहां करीब दो किलोमीटर लाइन के तार जर्जर व ढीले हो चुके हैं।
दृश्य- तीन
छत के ऊपर जानलेवा हालात, शिकायत बेअसर
फोटो-14
रामनगर डिवीजन के गणेशपुर फीडर के तहत आने वाले रेली बाजार और केसियापुर गांवों में तो हालात और भी बदतर हैं। यहां लोगों के घरों की छतों को छूते हुए मौत के तार गुजर रहे हैं। ग्रामीणों द्वारा बार-बार गुहार लगाने के बाद भी विभाग का रवैया पूरी तरह शून्य बना हुआ है।
वर्जन-
अधिकारियों और कर्मचारियों को तार दुरुस्त करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। जहां भी दिक्कतें हैं शिविर लगाकर बिजली के तारों, खंभों और अन्य बिजली उपकरणों की जांच कर आवश्यक मरम्मत कराई जाएगी।
- भविष्य कुमार सक्सेना, अधीक्षण अभियंता, पाॅवर कॉर्पोरेशन