रक्षाबंधन के मौके पर जिलाधिकारी के निर्देश पर भरे गए खाद्य पदार्थों के नमूने जांच में फेल पाए गए। इनमें छेना, मिल्क केक, नमकीन और दूध के नमूने शामिल हैं। गुरुवार को आई रिपोर्ट के आधार पर एफएसडीए अधिकारी ने कार्रवाई के लिए अपर जिलाधिकारी न्यायिक की अदालत पर पेश कर कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
बीते वर्ष रक्षाबंधन पर्व के मौके पर मिलावटखोरी की रोकथाम के लिए अभियान चलाया गया था। इसमें खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेश ने सुबेहा चौराहे पर ओमप्रकाश की दुकान से छेना का सैंपल लिया था। छेना पर लगी चांदी की फाइल के बजाए एल्यूमिनियन की मिली जो स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक पाई गई।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी राकेश सिंह ने सफदरगंज के अब्दुल और बेलहरा के मेराजुल हसन की दुकान से हाथरस की बनी पोला नमकीन का नमूना जांच को भेजा था। इन दोनों की जांच रिपोर्ट में सेंथेटिक कलर सूडान-ट्री पाया गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी जयसिंह ने सफदरगंज के इरशाद की दुकान से फ्रूट नमकीन का सैंपल लिया था जो जांच में मिस ब्रांड मिला।
मिठवारा फतेहपुर के शमीम की दुकान से लिए गए नमकीन के नमूने में तेल के माध्यम की जानकारी छिपाई गई। इसके लिए अलावा देवा के ओमकार गुप्ता की दुकान से खाद्य सुरक्षा अधिकारी अरविंद कुमार सिंह ने मिल्क केक का नमूना लिया था जो जांच में अधोमानक पाया गया।
वहीं कुर्सी के सहाबुद्दीन के यहां से दूध के लिए गए सैंपल में फैट कम पाया गया। सभी मामलों की जांच रिपोर्ट आगरा स्थित लैब से गुरुवार को एफएसडीए कार्यालय पहुंची। एफएसडीए अधिकारी मनोज कुमार वर्मा ने बताया कि सभी जांच रिपोर्ट अपर जिलाधिकारी को कार्रवाई के लिए प्रेषित की गई है। इसमें जेल और जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।