तहसील से वसीयत कर लौटे अधेड़ की संदिग्ध मौत के मामले में कोर्ट के आदेश पर दर्ज मुकदमे में पांच महीने बाद एसडीएम की मौजूदगी में पुलिस ने शव को कब्र से निकलवा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
टिकैतनगर थाना क्षेत्र के जदवापुर गांव के इस मामले में मृतका की पुत्री ने पिता की हत्या व जमीन की फर्जी वसीयत किए जाने का आरोप लगाया था।
मामला टिकैतनगर थाना क्षेत्र के बल्लीपुर मजरे जदवापुर गांव का है। ग्राम सेवड़हा थाना मवई जनपद अयोध्या निवासी फिरोज जहां ने संपत्ति के लिए अपने पिता की हत्या का आरोप लगाया था।
फिरोज जहां का आरोप है कि वह जदवापुर निवासी हैदर की इकलौती पुत्री है। उसके अलावा उनको कोई संतान नहीं है। आरोप था कि 15 सितंबर 2018 को गांव के ही पप्पू, मुन्ना, दिनेश सिंह, साजिद व शोभाराम ने मिलकर उनके पिता हैदर अली को तहसील ले जाकर पप्पू के नाम सारी जमीन की वसीयत करवाकर वापस लौटते समय रास्ते में ही उनकी हत्या कर दी और शव लेकर गांव पहुंचे।
बिना उसको सूचना दिए ही आननफानन में शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया था। पुलिस की अनसुनी के बाद पीड़िता ने न्यायालय में वाद दाखिल किया था। इस पर न्यायालय द्वारा किए गए आदेश पर टिकैतनगर पुलिस ने 11 दिसंबर 2018 को पांच लोगों के विरुद्ध हत्या सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
न्यायालय के आदेश पर ही पांच महीने बाद शव को एसडीएम सिरौलीगौसपुर संतोष कुमार प्रभारी, निरीक्षक गंगेश शुक्ला की मौजूदगी में गुरुवार को कब्र से खोदवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। प्रभारी निरीक्षक गंगेश शुक्ला ने बताया कि पीएम रिपोर्ट मिलने व मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।